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सीधा सवाल। निंबाहेड़ा। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) राघवेंद्र सिंह सुहासा ने शुक्रवार को निंबाहेड़ा का एक दिवसीय दौरा कर पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सदर थाना एवं डिप्टी कार्यालय का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद आयोजित सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) बैठक में जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं को सुना।
बैठक में एडीजी सुहासा ने कहा कि वे 14-15 वर्ष पूर्व चित्तौड़गढ़ जिले में पदस्थापित रह चुके हैं और निंबाहेड़ा की परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले जहां ब्राउन शुगर का प्रचलन था, वहीं अब एमडीएम पाउडर जैसे घातक नशे युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं। उन्होंने नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सीएलजी सदस्यों ने बैठक में बढ़ती चोरी की वारदातों, वाहन चोरी, बाहरी लोगों की पहचान की समस्या, पुलिस स्टाफ की कमी तथा जिला अस्पताल परिसर की नि:शुल्क पार्किंग से लगातार हो रही वाहन चोरी के मामलों को प्रमुखता से उठाया। सदस्यों ने बताया कि पुलिस बल की कमी के कारण कई बार प्रभावी निगरानी और त्वरित कार्रवाई में कठिनाई आती है।
बैठक में पुलिस विभाग में नफरी की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सीएलजी सदस्यों ने जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव एवं एडीजी सुहासा का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि निंबाहेड़ा क्षेत्र राजनीतिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है तथा यहां कैबिनेट मंत्री स्तर का प्रतिनिधित्व होने के कारण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) का पद सृजित किया जाना आवश्यक है।
इसके अलावा कोतवाली थाना और आदर्श कॉलोनी पुलिस चौकी के लिए नवीन भवन निर्माण, कस्बा चौकी, जिला अस्पताल परिसर तथा कच्ची बस्ती क्षेत्र में नई पुलिस चौकियां स्थापित करने की मांग भी रखी गई। सीएलजी सदस्यों ने कहा कि इन क्षेत्रों में पुलिस चौकियां खुलने से अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बैठक के दौरान एडीजी राघवेंद्र सिंह सुहासा ने उपस्थित सभी सदस्यों के मोबाइल फोन में राजकोप सिटीजन एप डाउनलोड करवाया। उन्होंने एप की उपयोगिता बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजन विभिन्न पुलिस सेवाओं का लाभ घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं तथा शिकायतों एवं सूचनाओं को भी सीधे पुलिस तक पहुंचा सकते हैं।
एडीजी ने आश्वस्त किया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।