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सरकार का सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान: हर समस्या का मौके पर निस्तारण, प्रशासन और जनता के बीच बढ़ेगी पारदर्शिता
पुखराज कुमावत/पाली/सुमेरपुर।सरकारी दफ्तरों के चक्कर, लंबित फाइलों की परेशानी और अधिकारियों तक पहुंच की मुश्किलें अब बीते दिनों की बात बनने जा रही हैं। राजस्थान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने के उद्देश्य से "ग्रामीण सेवा शिविर-2026" का आगाज किया है। 12 जून से 15 जुलाई तक चलने वाले इस महाअभियान में राजस्व विभाग सहित 21 विभागों के अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान करेंगे।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप शुरू किए जा रहे इस अभियान को प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पहली बार ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव की चौपाल तक पहुंचेगा। उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार के मार्गदर्शन में सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र में रात्रि चौपाल का आयोजन होगा उनकी मॉनिटरिंग में हर समस्या का तीव्र से समाधान होगा।
*हर विभाग रहेगा जवाबदेह, जनता के सामने होगा कामकाज*
ग्रामीण सेवा शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें राजस्व, पंचायत राज, विद्युत, जलदाय, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, वन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सहित 21 विभागों के अधिकारी एक ही मंच पर उपस्थित रहेंगे। इससे वर्षों से लंबित प्रकरणों का निस्तारण तेज होगा और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को उसी दिन सुनकर समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। शिविर सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे और किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा।
जनता और प्रशासन के बीच भरोसे की नई कड़ी
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि उनकी समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं है। ऐसे में यह अभियान प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की नई कड़ी साबित हो सकता है। ग्रामीणों को अब सीधे अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, वहीं अधिकारियों को भी जमीनी हकीकत जानने का मौका मिलेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शिविरों में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान हुआ तो यह अभियान ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकता है।
पारदर्शी शासन का मजबूत संदेश
राज्य सरकार ने इस अभियान के माध्यम से स्पष्ट संकेत दिया है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्राथमिकता है। शिविरों में न केवल शिकायतों का निस्तारण होगा, बल्कि सरकारी योजनाओं की जानकारी, पात्र लाभार्थियों का चयन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर उपलब्ध कराया जाएगा।
सुमेरपुर क्षेत्र में यहां लगेंगे शिविर
जिला कलेक्टर डॉ रविंद्र गोस्वामी के निर्देशन में एवं उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार की मॉनिटरिंग में
उपखंड प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार सुमेरपुर क्षेत्र में शिविरों का आयोजन विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर किया जाएगा, जहां ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंच सकेंगे।
सीधा सवाल विश्लेषण
ग्रामीण सेवा शिविर-2026 केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा भी है। यदि अधिकारी गांवों में पहुंचकर पारदर्शी तरीके से समस्याओं का समाधान करते हैं तो यह अभियान ग्रामीण शासन व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है। जनता की चौखट तक प्रशासन पहुंचने का यह प्रयास सुशासन की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।