336
views
views
सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, राजस्थान इकाई ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गुप्त ड्रग निर्माण प्रयोगशाला का भंडाफोड़ किया है। इसमें लाखों रुपए मूल्य की अवैध मादक पदार्थ बरामद किया है। इस मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया है, जिससे अनुसंधान जारी है।
उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा नरेश बुंदेल ने बताया कि सीबीएन चित्तौड़गढ़ की तृतीय खंड की टीम को एक गुप्त सूचना मिल थी। इस सूचना के आधार पर सीबीएन चित्तौड़गढ़ के खंड प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय के साथ ही निवारक एवं आ सूचना प्रकोष्ठ की संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम ने विशिष्ट और पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर चित्तौड़गढ़ तहसील के सुरजना गांव से दूर स्थित एक एकांत बड़े मकान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को मौके से गिरफ्तार किया गया।
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने कुल 5.894 किलोग्राम मनोदैहिक पदार्थ बरामद किए। इसमें 107 ग्राम मेफेड्रोन पाउडर, 3.961 किलोग्राम मेफेड्रोन कच्चा माल और 1.826 किलोग्राम एल्प्राजोलाम पाउडर शामिल है। इसके अलावा, मेफेड्रोन के निर्माण में प्रयुक्त लगभग 200 किलोग्राम रसायन, अत्याधुनिक प्रयोगशाला उपकरण तथा मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक बाइक भी जब्त की गई है।प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने एक सहयोगी के साथ मिल कर इसी परिसर में अवैध रूप से मेफेड्रोन का निर्माण कर रहा था। सभी जब्त सामग्री को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत कब्जे में लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां कच्चे माल के स्रोत, वित्तीय लेन-देन और नशीले पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई हैं। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध निर्माण के खिलाफ ऐसी कार्यवाहियां आगे भी जारी रहेगी। यह कार्रवाई समाज और विशेष रूप से युवाओं को नशे की चपेट से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।