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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी संघ चित्तौड़गढ़ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एएमएस ऐप से उपस्थिति दर्ज कराने के विरोध में 28 अगस्त को निदेशक आयुर्वेद विभाग के नाम उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग चित्तौड़गढ़ को ज्ञापन सौंपा।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि AMS ऐप के जरिए उपस्थिति देने का आदेश जारी किया गया है, लेकिन इससे अधिकारियों और कर्मचारियों के निजी डेटा लीक होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि सरकार विभाग में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना ही ऑनलाइन उपस्थिति लागू कर रही है। जिले के कई औषधालयों में नेटवर्क की समस्या है, जिससे चिकित्सक और नर्सों के लिए इसकी पालना करना मुश्किल होगा।
संघ का कहना है कि सरकार ऑनलाइन उपस्थिति के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की बजाय कर्मचारियों के व्यक्तिगत मोबाइल और आईडी से ही उपस्थिति दर्ज कराने का दबाव बना रही है। इससे कर्मचारियों की निजता का उल्लंघन होने के साथ-साथ कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ेगा।
इस अवसर पर जिलेभर से लगभग 35 चिकित्सक मौजूद रहे। इनमें डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, डॉ. शैलेंद्र सिंह मंडलोई, डॉ. विनोद गंधर्व, डॉ. वीरेंद्र जाटव, डॉ. महेंद्र कुमार जाजोरिया, डॉ. दीपाली देरा, डॉ. निरुपमा मिश्र, डॉ. इंदुबाला श्रृंगी, डॉ. कमलेश, डॉ. शुभम, डॉ. अनिरुद्ध, डॉ. मेघा शर्मा, डॉ. सरोज मोड, डॉ. कमलकांत, डॉ. मनीष, डॉ. गोपाल धाकड़, डॉ. गिरिराज धाकड़, डॉ. नीतू, डॉ. ज्योति धाकड़, डॉ. कोमल जोगी सहित अन्य चिकित्सक शामिल रहे।