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NEET पेपर लीक, महंगाई और बिजली-पानी संकट पर सड़कों पर उतरे कांग्रेसी; बैलगाड़ी-ऊंटगाड़ी से निकाली महारैली,
पशुपालन मंत्री के गृह क्षेत्र की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
पुखराज कुमावत/सुमेरपुर। नीट-2026 पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, अघोषित बिजली कटौती और पेयजल संकट को लेकर सोमवार को सुमेरपुर की सड़कों पर कांग्रेस का आक्रोश खुलकर दिखाई दिया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा के नेतृत्व में निकाली गई हल्ला बोल महारैली ने शहर के प्रमुख मार्गों पर राजनीतिक माहौल गर्मा दिया। बैलगाड़ी में गैस सिलेंडर और ऊंटगाड़ी पर मोटरसाइकिल रखकर कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।
भैरू चौक स्थित शास्त्री सर्किल से शुरू हुई रैली मुख्य बाजार, गांधी मूर्ति और राजगुरु सर्किल से होती हुई उपखंड कार्यालय पहुंची। रास्ते भर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई, पेपर लीक और बिजली संकट को लेकर नारेबाजी की। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग शामिल हुए।
मंत्री के गृह क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल
उपखंड कार्यालय के बाहर आयोजित धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र की बिजली, पानी, सड़क और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। वक्ताओं का कहना था कि कैबिनेट मंत्री के गृह क्षेत्र में ही लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे व्यवस्थाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
धरने के बाद राष्ट्रपति और जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन सौंपे गए। राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की गई। वहीं जिला कलक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में क्षेत्र की बिजली, पेयजल, सड़क और शिक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई गई।
"लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर"
सभा को संबोधित करते हुए हरिशंकर मेवाड़ा ने कहा कि नीट पेपर लीक ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों से युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
महंगाई को लेकर उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।
"बादल गरजते हैं और बिजली चली जाती है"
बिजली व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए मेवाड़ा ने कहा कि सुमेरपुर में हालात ऐसे हैं कि ऊपर बादल गरजते हैं और नीचे बिजली गुल हो जाती है। भीषण गर्मी में लोग घंटों बिजली कटौती झेलने को मजबूर हैं, जबकि पेयजल संकट ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी है, कई स्थानों पर सड़कें अधूरी हैं और आमजन को बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
समस्याएं नहीं सुलझीं तो आंदोलन होगा तेज
मेवाड़ा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली, पानी और अन्य जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर आंदोलन को और व्यापक करेगी।
युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश राजपुरोहित ने भी बिजली व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हालिया मौसम परिवर्तन के दौरान लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
धरना-प्रदर्शन को विधानसभा प्रभारी मकसूद अहमद, आनंद सोलंकी, करणसिंह चाणोद, प्रेमाराम नेतरा, शंकर देवासी, सुमेरसिंह मनवार सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नेपालसिंह पावा ने किया।
इस अवसर पर महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष कंचन परमार, नगर अध्यक्ष सुभाष मेवाड़ा, महेंद्रसिंह मेवाड़ा, जाफर सिलावट, महबूब अली, चतराराम मेघवाल, सरदार खान, गोविंद मेघवाल, नरेश कुमावत, लक्ष्मण मेघवाल, सुरेंद्र परमार, फुटरमल सुथार, सत्यप्रकाश कुमावत, महेश परिहार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित रहे।