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बोले- स्वच्छता परियोजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधूरे काम तत्काल पूरे करें;
तख्तगढ़ को जल्द मिलेगा आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन सिस्टम
पुखराज कुमावत
तखतगढ़ । तख्तगढ़ में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहे फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) की धीमी रफ्तार गुरुवार को कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत की नाराजगी का कारण बन गई। पाली जिले के प्रवास पर पहुंचे मंत्री ने अचानक प्लांट का निरीक्षण कर निर्माण और संचालन कार्यों की वास्तविक स्थिति जानी। मौके पर कार्यों की धीमी प्रगति देखकर उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मंत्री कुमावत ने प्लांट के विभिन्न हिस्सों का गहन अवलोकन किया और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने डी-वाटरिंग और स्क्रीनिंग यूनिट का निरीक्षण कर अधिकारियों से इसकी कार्यक्षमता, शोधन प्रक्रिया और भविष्य में मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से चर्चा की। मंत्री ने इंजीनियरों से पूछा कि आखिर परियोजना के शेष कार्य अब तक पूरे क्यों नहीं हुए और आमजन को इसका लाभ मिलने में देरी क्यों हो रही है।
*‘काम की गति बढ़ाओ, जनता इंतजार नहीं करेगी’*
निरीक्षण के दौरान मंत्री कुमावत का रुख पूरी तरह सख्त नजर आया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि प्लांट से जुड़े सभी तकनीकी और सिविल कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की सफलता केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देनी चाहिए।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में यदि किसी परियोजना में अनावश्यक देरी होती है तो उसकी जवाबदेही भी तय होगी। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने और हर कार्य को तय मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए।
*तख्तगढ़ की तस्वीर बदल सकता है यह प्लांट*
मंत्री कुमावत ने कहा कि एफएसटीपी प्लांट शुरू होने के बाद तख्तगढ़ क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। वर्तमान में गंदे पानी और अपशिष्ट के निस्तारण से जुड़ी कई चुनौतियां हैं, जिनका समाधान यह परियोजना करेगी। प्लांट के संचालन से अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से शोधन होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जनस्वास्थ्य को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के दौर में आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सरकार चाहती है कि छोटे कस्बों में भी बड़े शहरों जैसी स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध हों और तख्तगढ़ का यह प्रोजेक्ट उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
*स्वच्छता मिशन को गति देने का संदेश*
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने यह भी संकेत दिए कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल नई योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर धरातल पर उतारना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता को परिणाम चाहिए और विकास कार्यों में देरी से सरकार की मंशा पर भी सवाल उठते हैं। इसलिए हर परियोजना को मिशन मोड में पूरा किया जाए।
*जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद*
इस दौरान नगरपालिका के निवर्तमान चेयरमैन ललित रांकावत, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष पूनम सिंह परमार, मंडल अध्यक्ष पारस घांची, उपाध्यक्ष रामसिंह, निवर्तमान पार्षद देवाराम चौधरी, नगरपालिका अधिकारी तथा विभाग के वरिष्ठ अभियंता उपस्थित रहे।
*दैनिक सीधा सवाल का फोकस*
तख्तगढ़ के एफएसटीपी प्लांट पर कैबिनेट मंत्री का औचक निरीक्षण केवल एक प्रशासनिक दौरा नहीं था, बल्कि यह साफ संदेश भी था कि विकास कार्यों में सुस्ती अब नहीं चलेगी। स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर सरकार की गंभीरता और जवाबदेही दोनों अब जमीन पर दिखाई देने लगी हैं। :::