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बायोसा मंदिर क्षेत्र में चला विशेष अभियान, दुर्गंध और गंदगी से परेशान लोगों को मिली राहत; अब स्थायी व्यवस्था की मांग तेज
पुखराज कुमावत/पाली।जिले के तखतगढ़ कस्बे के ऐतिहासिक गंवई तालाब में फैली गंदगी, जलकुंभी और दुर्गंध की समस्या को लेकर उठी जनचिंता के बाद नगर पालिका प्रशासन ने सफाई अभियान शुरू कर दिया है। तालाब के आसपास वर्षों से जमा कचरे, गाद और जलकुंभी को हटाने का कार्य शुरू होने से बायोसा मंदिर क्षेत्र सहित आसपास के मोहल्लों में रहने वाले लोगों को राहत मिली है। हालांकि क्षेत्रवासियों का कहना है कि केवल सफाई अभियान पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना भी आवश्यक है।
तालाब की बिगड़ती स्थिति बनी चिंता का विषय
लंबे समय से गंवई तालाब में गंदे नालों का पानी गिरने, प्लास्टिक कचरे के ढेर जमा होने और जलकुंभी फैलने से जलस्रोत की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। तालाब के आसपास फैल रही दुर्गंध के कारण स्थानीय निवासियों के साथ-साथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार चिंता व्यक्त की जा रही थी। इसके बाद नगर पालिका प्रशासन ने मौके पर सफाई कर्मियों और मशीनरी को लगाकर तालाब की सफाई का कार्य शुरू कराया।
बायोसा मंदिर क्षेत्र में मिली राहत
सफाई अभियान शुरू होने के बाद बायोसा मंदिर क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय बाद तालाब की स्थिति सुधारने की दिशा में प्रभावी पहल दिखाई दी है।स्थानीय लोगों के अनुसार गर्मी के दिनों में तालाब के आसपास दुर्गंध इतनी बढ़ जाती थी कि घरों के बाहर बैठना तक मुश्किल हो जाता था। अब सफाई कार्य शुरू होने से वातावरण में सुधार की उम्मीद जगी है।
तालाब संरक्षण के लिए स्थायी योजना जरूरी
निवर्तमान पार्षद भंवर मीणा ने कहा कि गंवई तालाब तखतगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर और पहचान है। इसकी स्वच्छता और संरक्षण को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल सफाई अभियान चलाने से समस्या का पूर्ण समाधान नहीं होगा। तालाब में गिर रहे गंदे पानी को रोकना, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा संरक्षण की दीर्घकालिक योजना बनाना आवश्यक है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष पारस घांची ने भी तालाब संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए स्थायी कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने गंदे नालों के डायवर्जन और नियमित निगरानी व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता बताई।
नागरिकों ने उठाई नियमित रखरखाव की मांग
स्थानीय निवासी मंछाराम माली ने बताया कि पिछले काफी समय से तालाब क्षेत्र में रहने वाले लोग दुर्गंध और गंदगी से परेशान थे। कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया था। अब सफाई कार्य शुरू होने से राहत मिली है, लेकिन गंदे पानी की आवक बंद किए बिना समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होगी।तेजाराम प्रजापत, रमजान खान, दुर्गेश वैष्णव, सलीम खान और थानसिंह सोढ़ा सहित कई नागरिकों ने भी सफाई अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि तालाब की नियमित देखरेख और संरक्षण के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है।
अब स्थायी समाधान पर टिकी निगाहें
क्षेत्रवासियों का मानना है कि तालाब की सफाई सराहनीय पहल है, लेकिन इसके साथ ही गंदे नालों का स्थायी समाधान, जल संरक्षण, नियमित सफाई और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि गंवई तालाब के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित जलस्रोत उपलब्ध हो सके।
सीधा सवाल का विशेष
गंवई तालाब केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि तखतगढ़ की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक धरोहर भी है। सफाई अभियान से लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब तालाब में प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान होगा और यह जलस्रोत पुनः अपनी पुरानी गरिमा प्राप्त कर सकेगा। फिलहाल नागरिकों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्ययोजना पर टिकी हुई हैं। इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में उत्साह झलक रहा है और पालिका प्रशासन के साथ संवाददाता का आभार जताया है।