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लगातार मिल रही शिकायतों के बीच सोजत सिटी और सोजत रोड के अधिशासी अधिकारियों को हटाया,
आदेश से नगरीय निकायों में मचा हड़कंप
सीधा सवाल।सुमेरपुर। पाली जिले में नगरीय निकाय प्रशासन से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया है। स्वायत्त शासन विभाग ने सख्त प्रशासनिक रुख अपनाते हुए जिले के दो अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को एपीओ (Awaiting Posting Order) कर दिया है। विभागीय आदेश जारी होते ही नगरीय निकायों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया और प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ गई।विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार नगर पालिका सोजत सिटी के अधिशासी अधिकारी अचलसिंह गुर्जर तथा नगर पालिका सोजत रोड के अधिशासी अधिकारी सुनील विश्नोई को एपीओ किया गया है। दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से वर्तमान पदस्थापन से मुक्त करते हुए स्वायत्त शासन विभाग के निदेशालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न स्तरों पर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। विभागीय स्तर पर शिकायतों और प्रशासनिक फीडबैक को गंभीरता से लेने के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि आदेश में विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन विभाग के इस कदम को प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।
आदेश आते ही बढ़ी चर्चाएं
आदेश जारी होने के साथ ही जिले के नगरीय निकायों और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। अचानक हुई इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न स्तरों पर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। कई लोग इसे विभाग की सख्त कार्यशैली और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।
निदेशालय में देनी होगी उपस्थिति
विभागीय आदेश के तहत दोनों अधिकारियों को अब स्वायत्त शासन विभाग के निदेशालय में अपनी उपस्थिति देनी होगी। आगामी आदेश तक वे वहीं रहेंगे। विभाग की ओर से आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया नियमानुसार तय की जाएगी।
संदेश साफ: शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश देती है कि नगरीय निकायों में कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर सरकार गंभीर है। यदि किसी अधिकारी के खिलाफ लगातार शिकायतें सामने आती हैं तो विभाग उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
जिले में बना चर्चा का विषय
पाली जिले में दो-दो अधिशासी अधिकारियों को एक साथ एपीओ किए जाने की घटना दिनभर चर्चा का विषय बनी रही। नगर निकायों से जुड़े लोगों की नजर अब इस बात पर है कि विभाग आगे क्या निर्णय लेता है और इन पदों पर नई नियुक्तियां कब तक की जाती हैं।स्वायत्त शासन विभाग की इस कार्रवाई ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यप्रणाली को लेकर अब विभाग किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में नजर नहीं आ रहा है।