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सीधा सवाल। प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ जिले की सालमगढ़ थाना पुलिस ने 10 दिन पहले कुएं में कट्टे में बंद मिले शव के सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी ने पड़ोसी दुकानदार के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। आरोप है कि दोनों ने 5 लाख रुपए में सौदा कर मध्यप्रदेश से तीन बदमाशों को बुलाया और घर में ही बेरहमी से हत्या कर शव को कट्टे में भरकर कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके कथित साथी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि 26 जून को दलोट गांव स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर के पास एक कुएं में कट्टे में बंद शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान भचूंडला निवासी शंकरलाल के रूप में हुई। पोस्टमार्टम के बाद मृतक की पत्नी की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसपी ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में परिजनों ने किसी भी व्यक्ति पर संदेह या रंजिश से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले को चुनौती के रूप में लेते हुए तीन अलग-अलग टीमें गठित कीं। टीमों ने थाना क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की जांच की। साथ ही परिजनों, रिश्तेदारों और गांव के लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस ने घर के सभी सदस्यों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, जिसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि 24 जून को मृतक के घर तीन युवक आए थे, जिन्होंने शंकरलाल के साथ मारपीट की थी।
घर में हत्या, फिर कट्टे में भरकर कुएं में फेंका शव, डेढ़-दो महीने से चल रही थी साजिश
पुलिस के अनुसार मारपीट के दौरान शंकरलाल की मौत हो गई। इसके बाद उसकी पत्नी तुलसीबाई की मदद से शव को काले कट्टे में भरकर घर से दूर स्थित कुएं में फेंक दिया गया। वारदात को हादसा या गुमशुदगी का रूप देने के लिए आरोपियों ने मृतक की मोटरसाइकिल भी घर और कुएं से करीब तीन किलोमीटर दूर दूसरे थाना क्षेत्र में खड़ी कर दी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
जांच में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी तुलसीबाई और पड़ोसी दुकानदार वाहिद कुरैशी करीब एक से दो महीने से हत्या की योजना बना रहे थे। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच 5 लाख रुपए और आधा बीघा जमीन देने का सौदा हुआ था। इसके बदले वाहिद ने मध्यप्रदेश से तीन युवकों को बुलाकर हत्या करवाने की योजना बनाई।
पुलिस का दावा है कि वाहिद ने सुपारी किलरों को भुगतान करने की जिम्मेदारी ली थी। वहीं, अपने लिए मृतक की जमीन बेचकर रुपए लेने, जमीन पर बिना किराए के जीवनभर दुकान चलाने और घर के ऊपर कमरा बनाकर रहने जैसी शर्तें भी तय की गई थीं, जिस पर तुलसीबाई सहमत हो गई थी। पुलिस के अनुसार 24 जून को वाहिद ने मध्यप्रदेश से तीन युवकों को बुलाया। इन्हीं युवकों ने घर में शंकरलाल की हत्या की और बाद में शव ठिकाने लगाने में भी मदद की। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए।
पत्नी और कथित साथी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी तुलसीबाई निवासी भचूंडला और मोहम्मद वाहिद कुरैशी निवासी पिपलोदा, जिला रतलाम (मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है तथा हत्या के पीछे जुड़े सभी पहलुओं और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।