views
सुभाष चंद्र/ राजेंद्र सिंह
सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। प्रदेश में अवैध खनन रोकने के दावे लगातार किए जाते हैं। लेकिन अवैध खनन को रोकने में सरकारी तंत्र हमेशा से विफल साबित होता रहा है। ऐसा ही मामला चित्तौड़गढ़ के पांडोली पटवार क्षेत्र में सामने आया है जहां लाखों टन मिट्टी अवैध रूप से खेती की जमीन से निकल गई। बड़ी बात यह रही कि इस भूमि की सालाना गिरदावरी रिपोर्ट में यह भूमि खाली दिखाई देती रही। लेकिन मौके पर लंबे समय तक कृषि भूमि पर खेती नहीं होने को लेकर कोई जांच तक नहीं की गई। हालांकि मौखिक रूप से जिम्मेदार अधिकारी द्वारा स्वीकार किया गया है कि लगभग 5 सालों से यहां एक खड्डा है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि तीन दिन पहले तक भी यहां भारी अर्थ मूविंग मशीनों से खनन कार्य किया जा रहा था। बाद में एकाएक खनन कार्य बंद हो गया। वहीं क्षेत्र में मौके पर खनन स्थल पर पानी भरने से भी खनन कार्य रुकने की आशंका जताई जा रही है। बड़ी बात यह है कि इस क्षेत्र से निकाली गई मिट्टी पास ही में चल रही एक सरकारी परियोजना में उपयोग लेने की जानकारी भी सूत्रों द्वारा दी गई है। इतना बड़ा खनन क्षेत्र निजी आराजी में में खोद दिए जाने को लेकर जिले का जिम्मेदार खनिज विभाग पूरी तरह से अनजान है। इससे साफ है कि जिले के कलेक्टर या पुलिस अधीक्षक भले ही अवैध खनन को लेकर गंभीर हो लेकिन जिले के दूसरे अधिकारियों को उनकी गंभीरता से कोई लेना देना नहीं है।
लगभग 70 फीट तक एक हेक्टेयर भूमि में हुआ अवैध खनन
पांडोली क्षेत्र के इस कृषि भूमि क्षेत्र में यह खनन कार्य लगभग एक हेक्टेयर भूमि में किया गया है। और इसकी गहराई लगभग 70 फीट से अधिक है। इससे साफ हो जाता है कि इस कृषि भूमि से अवैध खनन कर लाखो टन मिट्टी निकल गई है। कृषि खसरे की इस भूमि में बीते 5 सालों में भारी मात्रा में अवैध खनन किया गया। सूत्रों का कहना है कि पूर्व में सिक्स लेन निर्माण के दौरान इस क्षेत्र से मिट्टी का दोहन किया गया वहीं बीते लगभग 2 साल से क्षेत्र के एक सरकारी योजना में भराव के लिए इस मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। जो 22 जुलाई 2026 तक जारी था। बाद में 1010 खनन क्षेत्र के कुछ हिस्से में पानी भर जाने से यह खनन कार्य रोक दिया गया। वहीं दूसरी और जानकारी यह भी है कि जिस सरकारी योजना के लिए यहां से मिट्टी काम ली जा रही थी वहां पर भी वर्तमान में कार्य लगभग बंद है इसलिए यह संभावना है कि इसी के चलते यहां यह अवैध खनन रुक गया है।
अधिकारियों की सख्ती, दिन के बजे रात में खनन
हाल ही में प्रशासनिक अमले में बड़ा फेर बदल देखने को मिला जहां जिले के पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर का स्थानांतरण होने के बाद उनके स्थान पर नए अधिकारियों को बदल स्थापित किया। जिन्होंने अपने पदस्थापन के साथ ही स्पष्ट कर दिया कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध खनन की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उस पर ठोस कार्रवाई होगी। सूत्रों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन की लगातार सख्ती के बीच सरकारी योजना का टेंडर लेने वाली प्रतिष्ठित कंपनी को मिट्टी पहुंचाने के लिए सुबह और दोपहर के स्थान पर शाम को यहां खनन कार्य किया जाता था। लंबे समय तक लगभग 40 हेक्टेयर भूमि में भराव के लिए बड़ी मात्रा में यहां से मिट्टी ले जाई गयी, सरकारी योजना के लिए इस खनन क्षेत्र से वर्तमान में कितनी मिट्टी ली गई और पूर्व में अवैध खनन करते हुए राजस्व को कितना नुकसान पहुंचाया गया इसका अंदाज लगाना फिलहाल तो मुश्किल है लेकिन मौके की स्थिति को देखकर यह कहा जा सकता है कि लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान सरकार को सीधे तौर पर दिया गया।
दौरे पर बड़े साहब अवैध खनन जारी..!
चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर खनिज विभाग की स्थिति भी समझ से परे है। मुख्य खनिज अभियंता एहतशाम सिद्दीकी अधिकांश समय क्षेत्र में निरीक्षण पर रहते हैं। जब इस मामले की जानकारी लेने के लिए सीधा सवाल की टीम निकालने में संपर्क किया तो उसे समय भी अधिकारी ने क्षेत्र में निरीक्षण पर होने की बात कही। कॉल अगेन समय इसी प्रकार की स्थितियां दिखाई देती है वही अधीनस्थ अधिकारी क्षेत्र में निगरानी नहीं होने को लेकर यह कहते सन प्रतीत होते हैं कि विभाग के पास एक ही वाहन है । ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में हुआ अवैध खनन खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी के निरीक्षण प्रक्रिया को भी सवालों के घेरे में खड़े करता है। जब सब लगातार इतने निरीक्षण कर रहे हैं तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खान विभाग के जिम्मेदारों की नजर से कैसे चुक गया यह भी एक बड़ा सवाल है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि अवैध बजरी खनन पर पुलिस लगातार कार्रवाई करती है लेकिन प्राथमिक की दर्ज करवाने के लिए खनिज विभाग के जिम्मेदारों का पुलिस को कभी 24 घंटे तो कभी 48 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है फिर भी कई बार विभाग की टीम या विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचते हैं। अब ऐसे में खनिज विभाग के बड़े साहब किस चीज का निरीक्षण कर रहे हैं यह भी एक विचारणीय बिंदु है।