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सीएम आवास पर पहली बार चित्तौड़गढ़ पदाधिकारियों की अलग बैठक, समन्वय को लेकर बड़ा विमर्श
सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़।
जयपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर बुधवार को चित्तौड़गढ़ भाजपा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की दो चरणों में बैठक हुई, जिसमें सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी, प्रदेश मंत्री मिथलेश गौतम, प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा, मुकेश दाधिच, सहित शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहा। चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष रतनलाल गाडरी की उपस्थिति में सरकार के कार्यों, संगठन की प्राथमिकताओं और दोनों के बीच तालमेल को मजबूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। जिला मीडिया संयोजक मनोज पारीक ने बताया कि बैठक दो स्तरीय रही—पहली चित्तौड़गढ़ जिले के पदाधिकारियों के साथ और दूसरी उदयपुर संभाग के सातों जिलों के पदाधिकारियों के साथ। पहली बार सीएम आवास पर चित्तौड़गढ़ जिले के मनोनीत पदाधिकारियों की अलग से विशेष बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं ने एक-एक कार्यकर्ता से सीधी बातचीत कर सत्ता और संगठन के बीच समन्वय पर उनकी राय जानी तथा सरकार के कार्यों का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ऐसी पार्टी है जहाँ हर कार्यकर्ता गुलदस्ते की तरह एकजुट होकर काम करता है और सभी को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि आने वाले पंचायत चुनावों में संगठन को एकजुटता के साथ काम करना होगा और सोशल मीडिया पर भी सक्रियता बढ़ानी होगी। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि जयपुर स्थित प्रदेश कार्यालय में सरकार के मंत्री अब निश्चित समय पर कार्यकर्ताओं की आम समस्याओं पर नियमित जनसुनवाई करेंगे। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने सिर्फ दो वर्षों में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की तुलना में कई गुना अधिक कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र को 28 करोड़ रुपए की राशि दी गई है और अब तक लगभग 91 हजार युवाओं को नियुक्तियाँ प्रदान की गई हैं। अवैध धर्मांतरण के विरुद्ध देश का सबसे सख्त कानून भी राज्य में लागू किया गया है। वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए पंचायत चुनाव से पहले वार्डों का असमान पुनर्गठन किया और राजनीतिक स्वार्थ से जिलों का जल्दबाजी में गठन किया। राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में दो वर्ष में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ मिली हैं और कार्यकर्ताओं को इन उपलब्धियों का प्रचार जनता के बीच करना चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा अध्यक्ष, मीडिया, आईटी और सोशल मीडिया संयोजकों को विशेष बुलावा भेजा गया था। बैठक में जिलाध्यक्ष रतन लाल गाडरी, पूर्व जिलाध्यक्ष मिठ्ठू लाल जाट,
जिला महामंत्री हर्षवर्धन सिंह रूद, जिला उपाध्यक्ष सीपी नामधराणी, देवीलाल जणवा, नरेंद्र सिंह भुरकिया, अशोक रायका, चन्द्रशेखर शर्मा, औकार लाल धाकड़,जिला मंत्री देशराज गुर्जर, कालीबाई मीणा, कैलाश जाट, जिला कोषाध्यक्ष हरीश ईनानी, सह कोषाध्यक्ष सुर्यपाल सिंह गोड़, जिला मीडिया प्रभारी मनोज पारीक,सह संयोजक लोकेश त्रिपाठी, जिला प्रवक्ता दीपक शर्मा, जिला आईटी संयोजक नंदकिशोर लोहार, सह संयोजक आशीष शर्मा, सोशल मीडिया सह प्रभारी दीपक अग्रवाल, अनिल सिसोदिया, आई एम सेठिया, कमलेश पुरोहित, कमलेन्द्र सिंह हाड़ा, असमो मोर्चा प्रदेश महामंत्री एम डी शेख, ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष गोटुलाल सुथार, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष वीना दशोरा, मंडल अध्यक्ष सागर सोनी, राजकुमार सुखवाल, राजमल सुखवाल, गोपाल चौबे, गोपाल सिंह राजोरा, सत्यनारायण कुमावत, राज विजयवर्गीय, दिनेश चंद्र पाराशर, सुरेश जाट, नारायण लाल अहीर, रतन नाथ योगी, हेमेंद्र सिंह राणावत, शंभूलाल गाडरी, शंकर लाल तेली, राकेश लड्ढा, राजेंद्र सिंह शक्तावत, जुगल किशोर धाकड़, विदुषी बिल्लू, मदन गोपाल धाकड़, राकेश पितलिया, राजेंद्र कुमार दशोरा, सुनील जैन, प्रहलाद मेघवाल, कुलदीप सिंह, भूपेंद्र सालवी, पप्पू लाल धाकड़, भवानीराम जाट, धनपाल मेहता, तुलसीराम शर्मा, पूरणमल अहीर, भेरूलाल गायरी आदि उपस्थित थे।