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सीधा सवाल। कपासन। नगर पालिका कपासन की साधारण सभा की बैठक में नेता प्रतिपक्ष ने विधायक एवं अधिशाषी अधिकारी को पत्र सौंपा एवं कांग्रेस पार्षद लोकेश राव रोशन सोनी कुलदीप सोनी भेरू पुरबिया आदि ने निम्न प्रस्तावों पर चर्चा कर विपक्ष की ओर से अपना पक्ष रखा। जिसमें बताया कि प्रस्ताव सं. 22 में नगर पालिका क्षेत्र में स्थित रिक्त भूमियों को निलाम करने हेतु विचार लाया गया जो कि निश्चित ही घर फूंक कर तमाशा देखने जैसा हैं। शहर में कई विकास के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। जिसमें सब्जी मण्डी, पार्क आदि पर करोडों रूपये की निविदा जारी हुई थी। जिसका बजट नगर पालिका मद से दिया गया। ओर आज तक जो भी कार्य चल रहे हैं।सभी नगर पालिका मद से ही चल रहे हैं। जिसके लिए भी पहले कई बार नगर पालिका की जमीनों की नीलामी की गई। जबकि नगर को अभी तक राज्य में बैठी भाजपा सरकार से एक नया पैसा विकास कार्य के लिए प्राप्त नहीं हुआ हैं। जबकि इन बडे विकास कार्यों पर बजट राज्य सरकार को देना होता हैं। उसके उल्टे यह बजट नगर पालिका से लगाया गया। जिससे नगर पालिका के कोष में कमी आई है।ओर भी विकास कार्य करवाने हेतु प्रस्ताव लिए जा रहे हैं।जिससे नगर पालिका की आर्थिक स्थति पर प्रभाव पड़ना निश्चित हैं। ऐसे में सताधारी पार्टी राज्य सरकार से बजट आवंटित करवाए,जिससे विकास को निरंतरता मिल सके। सिर्फ भूमि की नीलामी कर विकास करना न्यायचित नहीं हैं। क्योंकि अब निकाय के पास भूमि इतनी नहीं बची जितनी बेची जाए।साथ ही प्रस्ताव सं. 10 में प्रस्ताव लाया गया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के पास फुड कोर्ट विकसित करना हैं। यह कार्य निश्चित ही गुलाबसागर की भराव क्षमता कम करेगा जो कि कानूनन सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने योग्य हैं। जबकि नगर पालिका द्वारा पहले ही गुलाब सागर के भराव क्षेत्र के अंदर गार्डन पशु चिकित्सालय शौचालय, स्नानघर बनाकर भराव क्षमता कम कर दी गई है। अब और भराव क्षमता कम नहीं हो जिसका भी संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही जल भराव के लिये जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देश है उनको भी ध्यान में रखा जाए।साथ ही कपासन शहर बडा कस्बा होने के नाते सब तरफ ट्रेफिक व्यवस्था अव्यवस्थित रहती है। जिससे बाहर के आने वाले लोगों के लिये पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से उन लोगों को काफी परेशानी होती है। जिसके लिए पार्किंग जोन बनाया जाए।साथ ही पत्र में कहा कि प्रस्ताव सं. 03 में सीवरेज लाईन डालने हेतु विचार विमर्श का प्रस्ताव लाया गया। जिसमें निश्चित ही सीवरेज लाईन डालने से नगर की सभी सड़कें टूटेगी, जिससे पालिका को करोडों रूपये का नुकसान होगा। जिस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सीवरेज डालने का सम्पुर्ण खर्चा राज्य सरकार वहन करें। साथ ही जितनी भी सड़के शहर में टूटेगी उनका भी खर्च राज्य सरकार वहन करें,तब तो सीवरेज नगर में डालना सार्थक होगा नहीं तो अभी हाल ही में करोडो रूपये कपासन शहर की सड़कों पर व्यय किये गये जो अगर फिर से तोड़ी जाएगी तो निश्चित ही पालिका के कोष को नुकसान देने जैसा होगा।साथ ही बताया कि प्रस्ताव सं. 14 में वेन्डिंग एवं नॉन वेन्टिंग जॉन निर्धारित करने हेतु प्रस्ताव लाया गया। जिस पर पत्र में कहा कि कुछ दिनों पूर्व ही नगर पालिका द्वारा कई घुमटी धारकों को हटाकर इनका व्यवसाय नष्ट किया गया। जो कि निश्चित ही निन्दा योग्य हैं। और यह निर्णय जो लिया गया जिससे गुमटी धारकों के परिवार पर पालन पोषण तक की दिक्कत आ गई। इनके पुर्नवास को लेकर प्रस्ताव दिया कि हाईवे पर स्थित सुन्दर सिंह भण्डारी बस स्टेण्ड में जो अभी दुकानें निलाम करनी बाकी है उन दुकानों
को इन घुमटी धारकों को रियायती दर पर किराये एवं आवंटन पर उपलब्ध कराई जायें। जिससे इनके परिवार का भरन पोषण हो सके।साथ ही ज्ञात रहे कि पूर्ववती गहलोत सरकार के कार्यकाल में कपासन नगर में 6 करोड़ का बजट नगर की सड़कों के लिए राज्य सरकार से मिला हैं। साथ ही कन्या महाविद्यालय के लिए बजट 4 करोड़ का गहलोत सरकार से मिला हैं।महात्मा गांधी विद्यालय के निर्माण के लिए गहलोत सरकार से 4 करोड़ का बजट मिला ओर उप जिला चिकित्सालय एडीजे कोर्ट जैसे चहुमुखी विकास कार्य राज्य सरकार से कपासन नगर में करवाए गए हैं।