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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। राज्य के चित्तौड़गढ़ स्थित सैनिक स्कूल में अंतर-विद्यालयी हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया एवं उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव के निर्देशन में किया गया। स्कूल के शंकर मेनन सभागार में आयोजित हुई इस अंतर-विद्यालयी हिंदी प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी चित्तौड़गढ़ नेमीचंद पारिख एवं विशिष्ट अतिथि कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया थे। अतिथियों का स्कूल के सीनियर मास्टर ओंकार सिंह ने स्वागत किया।
स्कूल के जन संपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभभगवान नटराज के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके पश्चात विद्यालय के सहायक अध्यापक विजेंद्र कुमार सिंह ने वर दे वीणावादिनी वर दे सरस्वती वंदना का सस्वर गायन कर संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय एवं आनंददायक बना दिया। इस प्रतियोगिता में सैनिक स्कूल, हिन्द जिंक स्कूल, बिरला स्कूल, सेंट्रल अकादमी, केन्द्रीय विद्यालय एवं टैगोर पब्लिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के विधार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का विषय प्रभावी सड़क सुरक्षा कठोर प्रवर्तन से ही संभव है रखा गया।
प्रतियोगिता के दौरान वक्ताओं ने पक्ष एवं विपक्ष में तथ्यपूर्ण, तर्कसंगत तथा प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि, यातायात नियमों की अनदेखी, प्रवर्तन की आवश्यकता, जन-जागरूकता तथा प्रशासनिक भूमिका जैसे पहलुओं पर अपने विचार रखकर श्रोताओं एवं निर्णायक मंडल को प्रभावित किया।
मेजबान सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ का दबदबा रहा, जिसने कुल 189 अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, सेंट्रल अकादमी स्कूल 146 अंकों के साथ द्वितीय स्थान पर और केन्द्रीय विद्यालय 129 अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रहा। व्यक्तिगत परिणामों में सैनिक स्कूल का कैडेट यश रूण्डला प्रथम, सैनिक स्कूल का कैडेट अंश बिलवाल द्वितीय एवं हिन्द जिंक स्कूल की माहीन फातमा तृतीय स्थान पर रहीं। निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में डॉ. कनक जैन, डॉ. खुशवंत सिंह कंग और डॉ. गोपाल लाल जाट उपस्थित रहे। डॉ. कनक जैन ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि वाद-विवाद प्रतियोगिता की तैयारी किस प्रकार करनी चाहिए और मंच पर किन बारीकियों का
ध्यान रखना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने निर्णायक मंडल को हेलमेट भेंट कर अभिवादन किया।
मुख्य अतिथि नेमीचंद पारिख ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को वाद-विवाद के माध्यम से अपने विचारों को प्रभावी एवं तर्कपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने के सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि विषय की गहन समझ, तथ्यों का सही उपयोग एवं स्पष्ट अभिव्यक्ति किसी भी वक्ता की सफलता की कुंजी होती है। उन्होंने अपने वक्तव्य और कृतित्व से प्रत्यक्ष उदाहरण विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने सड़क सुरक्षा विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक नागरिक बनने का संदेश भी दिया। प्रतियोगिता के विजेताओं को आगामी 30 जनवरी को आरटीओ कार्यालय में आयोजित होने वाले एक विशेष कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा।