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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी चित्तौड़गढ़ की टीम ने गुरुवार को रिश्वत लेते सिंहपुर ग्राम पंचायत के विकास अधिकारी एवं कनिष्ठ सहायक को गिरफ्तार किया है।ठेकेदार फर्म के बिल पास करने की आवाज में कुल 2 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत ली गई थी। इसमें से 70 रुपए नगर तथा 1 लाख 40 हजार रुपए का चेक लिया गया था। मामले में एसीबी की ओर से उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है। विकास अधिकारी एवं सहायक को गिरफ्तार कर के चित्तौड़गढ़ एसीबी कार्यालय लाया गया, जहां अनुसंधान किया जा रहा है।
एसीबी चित्तौड़गढ़ के पुलिस उप अधीक्षक हरिशश्चंद्र सिंह ने बताया कि एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चित्तौडगढ़ इकाई ने कार्यवाही की है। इसमें चित्तौड़गढ़ जिले की सिंहपुर ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी पारसराम विश्नोई एवं कनिष्ठ सहायक बाबूलाल शर्मा को पकड़ा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी कार्यालय चित्तौड़गढ़ को एक शिकायत मिली थी। इसमें प्रार्थी ने बताया कि ग्राम पंचायत सिंहपुर में विकास कार्यों के तहत 12 लाख 80 हजार रुपए के कार्य करवाए थे। इसका परिवादी की फर्म से माह मई व जून 2025 के 07 बिलों का ऑनलाईन फीडिंग कर दिया था। इसके भुगतान करने की एवज में 2 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है। ग्राम विकास अधिकारी पारसराम विश्नोई एवं कनिष्ठ सहायक बाबूलाल शर्मा रिश्वत की मांग कर रहे हैं। इस शिकायत पर एसीबी के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो चित्तौडगढ़ के उप अधीक्षक पुलिस हरिश्चन्द्रसिंह के नेतृत्व में ट्रेप कार्यवाही की। टीम सिंहपुर पहुंची, जहां ट्रेप जाल बिछाया। रिश्वत की राशि एवं चेक लेते हुवे पारस राम विश्नोई, ग्राम विकास अधिकारी एवं बाबूलाल शर्मा, कनिष्ठ सहायक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। एसीबी के महानिरीक्षक पुलिस राजेशसिंह के सुपरविजन में गिरफ्तार किए दोनों आरोपित से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी की और से मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।