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सीधा सवाल। राशमी। कस्बे में गुरुवार को आयोजित हिन्दू सम्मेलन में वक्ताओं ने आव्हान किया कि सनातनी जातियों में ना बट कर सिर्फ हिंदू बन कर सनातन धर्म की रक्षा करे। चित्तौड़गढ़ विभाग के विभाग कार्यवाहक मुख्य वक्ता दिनेश चन्द्र भट्ट नें अपने बौद्धिक में बताया कि संघ शताब्दी वर्ष में भारत के 6 लाख गाँवों में 85 हजार हिंदू सम्मेलन के कार्यक्रम आयोजित होंगे।अपने उद्बोधन में मुख्य वक्ता ने कहा की जहां देवता भी जन्म लेने को तरसते हैं ऐसी भारत माता की गोद में जन्म लेने का सौभाग्य मिला है। परंतु भारत भूमि में जन्म देकर भगवान ने हर भारतवासी से कुछ अपेक्षा भी की जो यह है कि हम श्रेष्ठ नागरिक बनकर पूरे विश्व को श्रेष्ठ बनाएंगे। क्योंकि हिंदू संस्कृति ही सर्वे भवंतु सुखिनः विचार के साथ पूरे विश्व के कल्याण की कामना करती हे। हिंदू समाज के जागरण के प्रभाव से ही पूरे देश में कई गौरवपूर्ण कार्य हुए जो वर्षों से प्रतिक्षित थे। भारत विश्व गुरु बने इसके लिए आवश्यक हे कि देश के प्रत्येक नागरिक को सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध एवं नागरिक शिष्टाचार जैसे पंच परिवर्तनों को अपने व्यवहार में लाना होगा। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य ने कहा कि समस्त हिन्दू एक जाजम पर बैठे,हिंदुत्व को बचाने ओर राष्ट्र निर्माण में मातृ शक्ति का अहम योगदान हे । पाश्चात्य संस्कृति पतन की ओर ले जा रही हे। हिंदुओं को जेहादियों से लड़ने की जरूरत है,
हिंदू माताओं ने धर्म और स्त्रीत्व की रक्षा के लिए संघर्ष और जौहर भी किया। कार्यक्रम को अलख वेद गुरुकुल के डॉ गो हितेश शर्मा, खारखंदा आश्रम के महंत ज्ञानदास, नृसिंहद्वार रुद की सती जी , कारोई के संत मनोहर राम ने भी संबोधित किया। अंत में भारत माता आरती एवं पुष्प अर्पण हुआ।इस दौरान महाप्रसादी का भी आयोजन किया गया। इससे पूर्व कस्बे के प्रमुख मार्गो से धार्मिक भजनों की मधुर स्वर लहरियों के साथ कलश यात्रा निकाली गई । जिस पर जगह जगह ड्रोन से पुष्प वर्षा की गई। कलश यात्रा में सुसज्जित रथ पर भगवान श्री राम की तस्वीर सजाई गई। इस दौरान धर्मप्रेमी दौलत पोखरना,सुरेश सुवालका, लोकेश सुवालका,सुनील रांका, भाजपा पहुना मंडल अध्यक्ष नारायण लाल अहीर, प्रशासक बंशीलाल रैगर,दिनेश सेन,छीतरमल पुरोहित,शंकरलाल जोशी, सुशीला जीनगर,रेखा व्यास सहित सोमी,उपरेडा, पुठवाड़िया,किरखेड़ा, दल्ला खेड़ा के ग्रामवासी उपस्थित रहे।