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रात्रि चौपाल में मिली 24 हजार 260 रुपये की अनुदान राशि, किसान ने जताया आभार
सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। राज्य सरकार की ओर से किसानों को आधुनिक खेती और जल संचयन के प्रति प्रोत्साहित करने के प्रयास धरातल पर रंग ला रहे हैं। चित्तौड़गढ़ जिले की राशमी पंचायत समिति के बावलास गाँव के किसान नानूराम के लिए गुरुवार की रात खुशियों की नई सौगात लेकर आई, जब जिला कलक्टर द्वारा उन्हें मौके पर ही सिंचाई यंत्र के लिए अनुदान राशि स्वीकृत की गई।
फवारा संयंत्र से मिली सिंचाई की नई दिशा
बावलास निवासी कृषक नानूराम पिता लालूराम अहीर ने अपने 2 हेक्टेयर खेत में जल बचत और बेहतर फसल उत्पादन के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत फव्वारा (स्प्रिंकलर) संयंत्र लगवाया था। इस तकनीक से कम पानी में अधिक क्षेत्रफल की सिंचाई संभव हो पा रही है, जिससे खेती की लागत में कमी और उपज में वृद्धि की उम्मीद है।
चौपाल से पूर्व गुरुवार सांय को हुआ भौतिक सत्यापन और तत्काल राहत
जिला कलक्टर आलोक रंजन की अध्यक्षता में बावलास ग्राम पंचायत में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए चौपाल से पूर्व गुरुवार सांय को क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक पुखराज कुमावत, सहायक कृषि अधिकारी मुकेश कुमार तेली, सहायक निदेशक कृषि रामजस खटीक एवं उपनिदेशक उद्यान डॉ. शंकर लाल जाट द्वारा किसान के खेत पर जाकर फवारा संयंत्र का भौतिक सत्यापन किया गया।
प्रशासन की संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करते हुए चौपाल के दौरान ही किसान नानूराम के पक्ष में 24 हजार 260 रुपये की अनुदान राशि की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई। जिला कलक्टर ने स्वयं यह स्वीकृति पत्र किसान को सौंपा। किसान नानूराम अहीर ने कहा कि ग्रामोत्थान शिविर के दौरान फव्वारा संयंत्र हेतु आवेदन किया गया था। जिसका लाभ मुझे आज मिला है।ब्पहले पारंपरिक तरीके से सिंचाई में बहुत पानी और समय बर्बाद होता था। सरकार की सहायता से अब फवारा संयंत्र लग गया है। चौपाल में ही अनुदान राशि स्वीकृत होने से प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।"
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का मुख्य लक्ष्य 'हर खेत को पानी' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (प्रति बूंद अधिक फसल) के संकल्प को सिद्ध करना है।
प्रशासन की संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करते हुए चौपाल के दौरान ही किसान नानूराम के पक्ष में 24 हजार 260 रुपये की अनुदान राशि की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई। जिला कलक्टर ने स्वयं यह स्वीकृति पत्र किसान को सौंपा। किसान नानूराम अहीर ने कहा कि ग्रामोत्थान शिविर के दौरान फव्वारा संयंत्र हेतु आवेदन किया गया था। जिसका लाभ मुझे आज मिला है।ब्पहले पारंपरिक तरीके से सिंचाई में बहुत पानी और समय बर्बाद होता था। सरकार की सहायता से अब फवारा संयंत्र लग गया है। चौपाल में ही अनुदान राशि स्वीकृत होने से प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।"
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का मुख्य लक्ष्य 'हर खेत को पानी' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (प्रति बूंद अधिक फसल) के संकल्प को सिद्ध करना है।