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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली द्वारा संस्कृत संवर्धन योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु ऑनलाईन आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये थे जिसमें राजकीय कन्या महाविद्यालय चित्तौड़गढ़ के संस्कृत विभाग की 26 छात्राओं का चयन हुआ है। प्राचार्य डॉ गौतम कुमार कूकड़ा ने बताया कि संस्कृत के संवर्धन की केन्द्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के द्वारा किया जा रहा है। तदनुसार, संस्कृत के संवर्धन हेतु अष्टादशी परियोजना में पारम्परिक एवं आधुनिक धारा में नियमित रूप से 9वीं कक्षा से पीएच.डी. तक संस्कृत/पालि/प्राकृत में भाषा में अध्ययनरत प्रतिभावान विद्यार्थियों को भारत सरकार द्वारा प्रोत्साहित करने हेतु छात्रवृत्ति दी जाती है जिसमें से कन्या महाविद्यालय की 26 छात्राओं का चयन संस्कृत विषय में विशिष्ट प्रतिभा प्रदर्शन के आधार पर हुआ है। प्राचार्य ने बताया कि महाविद्यालय में 150 से अधिक छात्राएं संस्कृत विषय में अध्ययनरत हैं जिसमे से अनेक छात्राएं संस्कृत संभाषण में भी दक्ष है। चयनित छात्रा शीला जटिया, अनिता कुमावत, कृष्ण जटिया, रीना नायक, आरती रेगर, लक्की राठौर, प्रिया, काजल गुर्जर, सीमा भांभी, राधा भील, उमा कुमारी साहू, रचना पूर्बिया, पायल कंवर भाटी, नीलोफर बी, नेहा पांडिया, खुशी नागदा, वर्षा कुमारी टांक, राजश्री ट्रेलर, दुर्गा भील वासु, ममता कुमावत, पायल खंगारोत, सोनी खुशी रामनिवास, मुस्कान मेघवाल, रेणु माली, शबीना बानो और कोमल गुर्जर ने खुशी जाहिर करते हुए महाविद्यालय के उत्तम शैक्षणिक वातावरण एवं सही मार्गदर्शन हेतु महाविद्यालय प्राचार्य एवं संस्कृत विषय के सहायक आचार्य डॉ श्याम सुन्दर पारीक का माला और उपरणा पहनाकर धन्यवाद अर्पित किया।