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चित्तौड़गढ़, 29 नवंबर। कृषि आयुक्तालय जयपुर एवं जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देशानुसार जिले में उर्वरक वितरण एवं भंडारण की सख्त निगरानी के तहत शनिवार को आदान विक्रेताओं पर औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल द्वारा मांगरोल स्थित हरि मांगरोल फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड के गोदाम में बड़ी मात्रा में संदिग्ध यूरिया बरामद किया गया।
निरीक्षण के दौरान गोदाम परिसर में कुल 420 बैग संदिग्ध यूरिया बरामद हुए, जिनमें 160 बैग संदिग्ध यूरिया, 50 बैग इफको यूरिया, 60 बैग उत्तम यूरिया एवं 150 बैग किसान यूरिया के बैग शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त विभिन्न कंपनियों के लगभग 550 खाली बैग भी पाए गए। प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि विभिन्न ब्रांडों के बैगों को पुनः भरकर तकनीकी यूरिया में परिवर्तित करने का प्रयास किया जा रहा था, जो कि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की विभिन्न धाराओं का गंभीर उल्लंघन है।
उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों के अंतर्गत विभाग द्वारा मौके पर ही नमूना आहरण कर संदिग्ध सामग्री की जब्ती की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान फर्म के प्रतिनिधि तख्त सिंह मौजूद रहे, जिन्होंने बताया कि यह उर्वरक अनिल अंजना निवासी रानीखेडा का है। मामले की विस्तृत जांच विभाग द्वारा जारी है।
कार्रवाई में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक कृषि दिनेश कुमार जागा, उपनिदेशक उद्यान डॉ. शंकर लाल जाट, सहायक निदेशक कृषि अंशु चौधरी,
कृषि अधिकारी ज्योति प्रकाश सिरोया, गोपाल लाल शर्मा, गोपाल लाल धाकड़, रामजस खटीक, संजय बाहेंती, सहायक कृषि अधिकारी
रमेश जाट, कमलेश यादव, मुकेश मीणा एवं हनुमान नागर कृषि पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक की जमाखोरी, मिलावट, पुनर्भरण या अनियमित वितरण के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।