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सीधा सवाल। कपासन। निकटवर्ती उपखंड मुख्यालय राशमी में ताल्लुका विधिक सेवा समिति राशमी के तत्वावधान में रविवार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन बड़े संकल्प और सेवा भाव के साथ सम्पन्न हुआ।तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष व सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट पृथा फ़ौजदार की अध्यक्षता में गठित पीठ ने विचाराधीन प्रकरणों का विवेचन कर न्यायालय के कुल 49 प्रकरणों में 26,55,416 रू तथा बैंक व विद्युत विभाग के कुल 99 प्रकरणों में 26,51,318 रू के अवार्ड पारित कर सामाजिक न्याय को सशक्तता प्रदान की।इस दोरान कुल 148 प्रकरणों से कुल 5306,735 रु के अवार्ड पारित किये गए।ताल्लुका विधिक सेवा समिति के सचिव राहुल भास्कर ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा निर्देशों एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़ के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस लोक अदालत में न्यायालय में लंबित प्रकरणों को पक्षकारों के बीच परस्पर समझौते से सुलझाकर न्याय प्रक्रिया को सरल, त्वरित और सुलभ बनाया गया।विशेष रूप से इस लोक अदालत में बिजली विभाग से जुड़े प्रकरण,बैंक से जुड़े प्रकरण, साथ ही दूरसंचार एवं जलदाय विभाग से संबंधित अन्य प्रि-लिटिगेशन प्रकरण सम्मिलित रहे।इस दोरान बिजली विभाग से जुड़े बकाया बिलों पर पक्षकारों को 50% तक की विशेष छूट प्रदान की गई।जिससे प्रकरणों के त्वरित निस्तारण में अत्यधिक सहूलियत प्राप्त हुई। इसके फलस्वरूप जनता में लोक अदालत के प्रति गहरा विश्वास एवं उत्साह देखने को मिला।इस महत्वपूर्ण अवसर पर लोक अदालत पीठ के सदस्य तहसीलदार बेनी प्रताप, न्यायालय स्टाफ से रीडर सुमेर सिंह व फ़ौजदारी लिपिक मुकेश गाड़री पुलिस प्रशासन की और से उमेश मीणा व स्थानीय बार एसोसिएशन के समस्त अधिवक्तागण,विभिन्न बैंक शाखा प्रबंधक, बिजली विभाग के अधिकारी एवं समस्त पक्षकारगण उपस्थित रहे।सभी प्रकरणों का आपसी समझौते व सौहार्दपूर्ण वार्ता से निस्तारण कराते हुए यह लोक अदालत समाज में शांति, न्याय व भाईचारे की मिसाल प्रस्तुत की। यह पहल विधिक सेवा समितियों की भूमिका को और भी सशक्त बनाती है तथा आम नागरिकों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को सुलभ बनाती है।