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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। राजकीय कन्या महाविद्यालय, चित्तौड़गढ़ में IQAC, हिन्दी विभाग व इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की छात्राओं का समावर्तन संस्कार एवं प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं का स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. गौतम कुमार कूकड़ा की अध्यक्षता में मॉं सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया । प्राचार्य ने छात्राओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दी एवं बाल विवाह का जिक्र करते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जो बच्चों का भविष्य अंधकारमय बनाती है।यह उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास में बाधा उत्पन्न करती है।
कम उम्र में जिम्मेदारियों का बोझ उनके अधिकारों का हनन है।
जागरूकता और कानून के पालन से ही इस कुरीति का अंत संभव है।नंदिनी भट्ट एवं उसकी टीम ने ‘बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति’ जैसे ज्वलंत विषय पर नाट्य मंचन कर समाज में बाल विवाह न करने का संदेश दिया। छात्रा भावना सरगरा तथा जमना ढोली ने नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी । छात्रा पूनम ने ‘जो दिन गुज़ारे साथ-साथ…याद आओगे…’ नामक विदाई गीत गाया। हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. सी. एल. महावर ने कहा कि जिनके सिर किताबों के समक्ष झुकते हैं उनके सिर और कहीं नहीं झुकते। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष मोनिका कंवर ने महाविद्यालय में हुए भौतिक संसाधनों के विकास तथा नियमित शिक्षण कार्य की प्रशंसा की। स्नातकोत्तर की पूर्व छात्रा निशा कुमारी मीणा का कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 में चयन होने पर प्राचार्य द्वारा सम्मानित किया गया । इतिहास विभागाध्यक्ष शंकर मीना ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन छात्रा कृष्णा कंवर राणावत व साहिबा कुरैशी ने किया।कार्यक्रम में डॉ. इरफान अहमद, डॉ.लोकेश जसोरिया, रेखा मेहता, डॉ. ज्योति कुमारी, डॉ. अंजू चौहान, जयश्री कुदाल, रिंकी गुप्ता, डॉ. प्रीतेश राणा व डॉ. गोपाल लाल जाट, दिव्या चारण व वंदना उपस्थित रहे ।