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ब्रह्मलीन स्वामी श्रीहरिहरानंद गिरीजी महाराज का 25 वां पुण्यतिथि समारोह
सीधा सवाल। बेगूं। नगर के अतिप्राचीन श्री बडोदिया महादेव संन्यास आश्रम पर ब्रह्मलीन स्वामी श्री श्री 1008 श्रीहरिहरानंद गिरीजी महाराज के 25 वें पुण्यतिथि समारोह पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ शुक्रवार को भव्य कलशयात्रा के साथ हुआ। जानकारी के अनुसार बेगूं नगर के अतिप्राचीन शिवालय श्री बडोदिया महादेव पर ब्रह्मलीन स्वामी श्री श्री 1008 श्री हरिहरानंद गिरीजी महाराज का 25 वाँ पुण्यतिथि समारोह 26 दिसम्बर से 2 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। 26 दिसंबर से 1 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से सांय 4 बजे तक राष्ट्रीय संत डॉ मिथिलेश नागर के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जा रहा है। 2 जनवरी को प्रातः समाधि पूजन के बाद भव्य शोभायात्रा शुरू होगी जो नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यथास्थान पहुंचेगी, जहां श्रद्धांजली समारोह आयोजित होगा, जिसमें जिले के प्रमुख जनप्रतिनिधि व संत महात्मा उपस्थित रहकर पुष्पांजली अर्पित करेंगे। ब्रह्मलीन स्वामीजी के पुण्यतिथि समारोह के प्रथम दिवस पर बडोदिया महादेव सन्यास आश्रम प्रबंध एवं विकास संस्थान के अध्यक्ष व महंत धर्मानन्द गिरी महाराज व पंडित मदनलाल कांटिया ने सत्संग की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सत्संग के गुण व महिमा के बारे मे बताया, वहीं श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करते हुए राष्ट्रीय संत डॉ मिथिलेश नागर ने उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का परिचय व प्रसाद की महिमा का बखान करते हुए कहा कि प्रसाद चढाने वाले और पाने वाले को प्रभु का साक्षात आशीर्वाद मिलता है, जो प्रसाद को भगवान के श्रीचरणों मे चढाकर भक्तजनों मे वितरित करता है उसको प्रभु का साक्षात आशीर्वाद प्राप्त होता है और जो भक्त प्रभु के श्रीचरणों मे चढाया हुआ प्रसाद ग्रहण करता है उसे भी प्रभु का साक्षात आशीर्वाद मिलता है। प्रसाद चढाना भी चाहिये और ग्रहण भी करना चाहिये।