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सीधा सवाल। निंबाहेड़ा। नगर के मल्टी क्षेत्र स्थित गुरु तेग बहादुर बस्ती में संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित हिंदू सम्मेलन भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम संयोजक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि संघ की शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, इसी क्रम में गुरु तेग बहादुर बस्ती में यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मातृशक्ति द्वारा निकाली गई कलश यात्रा से हुई। कलश यात्रा के उपरांत सभा का आयोजन किया गया। सभा में संत सानिध्य महंत हरिओम गिरी जी महाराज हनुमान मंदिर, रानीखेड़ा का रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कार्यवाहक महेशचंद्र पुरोहित ने की।
मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व विभाग मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान उपस्थित रहे। संत उद्बोधन में महंत हरिओम गिरी जी महाराज ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सामाजिक समरसता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता मानवेंद्र सिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत भूमि सदा से वीरांगनाओं की जननी रही है। उन्होंने जीजाबाई, अहिल्याबाई होलकर, रानी लक्ष्मीबाई, रानी पद्मिनी एवं पन्नाधाय के उदाहरण देते हुए कहा कि इन महान नारियों से त्याग, साहस और कर्तव्य का मार्गदर्शन मिलता है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति में परिवार से राष्ट्र निर्माण की क्षमता है। सामाजिक समरसता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि “कंधे से ऊँची छाती नहीं होती और धर्म से ऊँची जाति नहीं होती।” उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, स्व का बोध एवं पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी।
साथ ही संघ द्वारा संचालित “छः भ” भोजन, भजन, भवन, भ्रमण, भेषभूषा एवं भाषा विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के संरक्षक दिलीप गंगवाल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन रत्नमणि राठौर एवं मेघा श्रीवास्तव ने किया।