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सीधा सवाल। कपासन। विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने मंगलवार को कपासन विधान सभा क्षेत्र के बाबरिया खेड़ा में अफीम फसलों का मुआयना कर किसानो से चर्चा की।क्षेत्रीय विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने ग्राम बाबरिया खेड़ा के दौरे के दौरान अफीम उत्पादक किसानों के खेतों पर पहुंचकर फसलों का विस्तृत मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से रूबरू होकर वर्तमान फसल चक्र में आ रही चुनौतियों और नई अफीम नीति 2026 के सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की। नगर महामंत्री सोहन लाल खटीक विधायक कार्यालय कपासन ने बताया की किसानों के बीच पहुंचे जीनगर ने खेतों में अफीम की लुराई चीराई का निरीक्षण किया। और किसानों से मशविरा किया। उन्होंने कहा कि अफीम की खेती न केवल आर्थिक आधार है, बल्कि क्षेत्र की परंपरा भी है। किसानों ने उन्हें फसलों पर मंडरा रहे मौसमी खतरों और उत्पादन की स्थिति से अवगत कराया।निरीक्षण के दौरान विधायक ने विशेष रूप से चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी द्वारा केंद्र सरकार के समक्ष की गई पैरवी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सांसद जोशी के निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि केंद्र सरकार ने किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।उन हजारों किसानों के अफीम पट्टे बहाल हुए हैं जो तकनीकी कारणों या कम औसत की वजह से सालों पहले कट गए थे।सीपीएस पद्धति नई नीति में सीपीएस पद्धति को बढ़ावा देकर उन किसानों को भी मुख्यधारा में शामिल किया गया हैं।जिनकी फसलें पहले नष्ट मान ली जाती थीं।2026 की नीति में मार्फिन की मात्रा और औसत के नियमों में किसानों को राहत दी गई हैं।जिससे लाइसेंस रद्द होने का डर कम हुआ है।विधायक ने किसानों को बताया कि वर्तमान केंद्र सरकार की 2026 की नीति के माध्यम से किसानों को लाभ मिल रहे हैं।अफीम तौल और जांच प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को राहत देने के प्रावधानों को मजबूत किया गया है।इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में नए पट्टे जारी किए गए हैं।जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। विधायक जीनगर ने कहा कि सांसद सी.पी. जोशी ने दिल्ली में किसानों की आवाज को मजबूती से रखा हैं।जिसके कारण आज अफीम की खेती घाटे का सौदा नहीं बल्कि सुरक्षित भविष्य की गारंटी बन रही है।इस दौरान विधायक जीनगर के साथ कपासन ग्रामीण मंडल के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।