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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। जिले की राशमी थाना पुलिस को अफीम की अवैध बुवाई के मामले में अच्छी सफलता मिली है। घने जंगल के बीच बुवाई की अफीम की फसल के खिलाफ कार्रवाई की है। मौके से साढ़े तीन हजार से ज्यादा पौधे बरामद हुए हैं। इस संबंध में दो किसानों के खिलाफ अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया, जिससे अनुसंधान जारी है।
राशमी सीआई रतनसिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के निर्देश पर अफीम की अवैध बुवाई के खिलाफ थाने की टीम ने कार्रवाई की है। मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र में आने वाले लुकड़ी गांव में कुछ लोगों ने अफीम की अवैध बुवाई की हुई है। सूचना के बाद पुलिस ने जांच की तो दो खेतों में अफीम की अवैध बुवाई होना सामने आया। ऐसे में जाब्ते के साथ पुलिस गांव में पहुंची। यहां लुगड़ी गांव निवासी पप्पू पुत्र भैरूलाल जाट तथा इसके भतीजे ठाकर लाल पुत्र कालूलाल जाट के अवैध रूप से अफीम की बुवाई करना सामने आया। इस पर पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मौके पर पप्पू जाट ने कपास व सरसों के खेत के बीच अफीम के 3531 पौधों की बुवाई की हुई थी, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। वहीं इसके भतीजे ठाकुर लाल ने 113 पौधे अफीम के अवैध रूप से बुवाई की हुई थी। पप्पू पुत्र भैरूलाल जाट के खिलाफ राशमी थाने पर सीआई रतन सिंह की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज किया गया है। वहीं ठाकरलाल के खिलाफ साडास थानाधिकारी एवं हाल कैंप पर राशमी आजाद पटेल की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज हुआ है। राशमी सीआई रतन सिंह ने बताया कि कार्यवाही के दौरान ग्राम पंचायत के पटवारी को भी मौके पर बुला लिया गया और नपती करवाई गई। साथ ही उच्च अधिकारियों को भी मामले की सूचना दी गई। इस संबंध में गुरुवार रात करीब 2 बजे थाने पर प्रकरण दर्ज किया गया है और मामले में अनुसंधान जारी है। इस कार्यवाही में पहुंना पुलिस चौकी के कांस्टेबल विनोद तथा राशमी थाने के कांस्टेबल रमेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दोनों में से किसी के भी नाम पर लाइसेंस नहीं
सीआई रतन सिंह ने बताया कि पुलिस ने कार्यवाही के दौरान ग्रामीणों को भी मौके पर बुलाया और जांच की। आरोपित पप्पू वह ठाकर लाल में से किसी के भी पास अफीम बुवाई का लाइसेंस होने को लेकर भी जांच की गई। लेकिन सामने आया कि इन दोनों में ही से किसी के भी पास अफीम बुवाई का लाइसेंस नहीं है। आरोपियों ने पूरी तरह अवैध रूप से अफीम की बुवाई की थी।
40 से 50 बीघा खेत के बीच में थी अवैध बुवाई
इधर, जानकारी में सामने आया कि पुलिस को इस कार्रवाई के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। लुकड़ी गांव में जंगल की ओर काफी आगे अफीम की अवैध बुवाई की हुई थी। आरोपियों की करीब 40 से 50 बीघा जमीन है। इस जमीन के बीच में कपास में सरसों के खेत में पौधे उगे हुए थे। वहीं से पहले चारों तरफ गेहूं की बुवाई की हुई है। ऐसे में सामान्य व्यक्ति को तो इसका पता ही नहीं चल पाता की गेहूं से आगे अफीम की भी बुवाई हो सकती है।