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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष अरविंद सिंह एवं जिला प्रभारी विजय सिंह ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि अरावली पर्वतमाला, जो अरबों वर्षों पुरानी है और जिसका जन्म हिमालय से भी पहले हुआ, केवल एक भौगोलिक संरचना नहीं बल्कि भारतीय सभ्यता की अमूल्य एवं प्राचीन धरोहर है। यही वह मातृभूमि है जिसने सदियों से इस क्षेत्र के लोगों को जीवन, जल, हरियाली और सुरक्षा प्रदान की है। अरावली की गोद में अनेक सभ्यताओं का विकास हुआ तथा अनगिनत वीरों व महापुरुषों ने इसकी रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश आज वही अरावली पर्वतमाला राजनीतिक निर्णयों और नीतिगत चूकों के कारण गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। जिस मातृभूमि ने सदैव हमारी रक्षा की, आज वही हम सब से अपनी रक्षा की पुकार कर रही है। यह समय केवल मूकदर्शक बने रहने का नहीं, बल्कि एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का है।
इसी क्रम में चित्तौड़गढ़ जिले के समस्त नागरिकों, सर्व समाजों एवं सामाजिक संगठनों से आह्वान किया गया है कि वे मातृभूमि की रक्षा के इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें। यह आंदोलन किसी एक संगठन या वर्ग का नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज की साझा धरोहर को बचाने का जनप्रयास है।
अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर दिनांक 23 दिसंबर, मंगलवार, प्रातः 10 बजे, चित्तौड़गढ़ कलेक्टर परिसर में ज्ञापन एवं शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपकर जनभावनाओं से अवगत कराया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट संदेश जाए कि चित्तौड़गढ़ का जनमानस आज भी अपनी धरा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, चित्तौड़गढ़ द्वारा सर्व क्षत्रिय राजपूत संगठनों सहित सर्व समाज से भावपूर्ण अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस जनआंदोलन को सफल बनाएं और उन शक्तियों को करारा जवाब दें जो हमारी मातृभूमि और प्राकृतिक धरोहर को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।
यह आंदोलन केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम है। अतः समस्त जिलेवासियों से विनम्र निवेदन है कि अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर अरावली पर्वतमाला की रक्षा के इस संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएं।