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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। नारकोटिक्स चित्तौड़गढ़ की और से मादक पदार्थ तस्करी के मामले में पकड़े गए एक आरोपित ने फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। आरोपित चार किलो अफीम तस्करी के मामले में गिरफ्तार हुआ था। न्यायालय ने इसे रिमांड पर सौंपा था। आरोपित ने शौचालय में जूते की लैस पर लटक कर आत्महत्या की थी। यह देखते ही नारकोटिक्स की टीम सकते में आ गई। इसे तत्काल जिला चिकित्सालय लेकर आए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नारकोटिक्स की टीम ने इसके परिजनों को सूचना दी है, जिनके आने पर आवश्यक कार्यवाही होगी।
जानकारी में सामने आया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नारकोटिक्स की टीम ने 10 फरवरी को चित्तौड़गढ़- कोटा हाईवे पर बस्सी के पास नाकाबंदी की थी। इस दौरान भीलवाड़ा पासिंग बाइक से चार किलो अफीम बरामद हुई। इस पर अफीम को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8/15 के तहत जब्त किया था। मामले में बिजोलिया क्षेत्र में रहने वाले कैलाश धाकड़ को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद नारकोटिक्स की टीम ने इसे न्यायालय में पेश किया, जहां से रिमांड पर सौंपने के आदेश दिए थे। न्यायालय के आदेश पर यह शनिवार तक रिमांड पर था। नारकोटिक्स की टीम इससे लगातार पूछताछ कर रही थी। वहीं शुक्रवार अपराह्न में करीब 4.30 बजे इसने शौचालय जाने की बात कही। नारकोटिक्स कार्यालय परिसर में ही शौचालय बना हुआ है, जिसमें आरोपित बंदी को भेजा था। यह काफी देर तक बाहर नहीं निकला तो टीम को शंका हुई। टीम ने दरवाजा तोड़ा तो उनके होश उड़ गए। आरोपित ने शौचालय में ही जूते की लैस से फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली थी। यह देख कर नारकोटिक्स की टीम के होश उड़ गए। उसे तत्काल जूते की लेस से हटाया गया और जिला चिकित्सालय लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने उसके स्वास्थ्य की जांच की जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। नारकोटिक्स चित्तौड़गढ़ की टीम ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी है। मृतक के शव को फिलहाल जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है। साथ ही मामले की जानकारी परिजनों को भी दे दी है। परिजनों के आने के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।