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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़।
जिला मुख्यालय के सर्राफा बाजार में सोने के बिस्कुट के बीच में तांबा रखकर उसे सोने के भाव में बेचने की कोशिश और बिना बिल के हो रहे सोने की खरीदारी और लेनदेन को लेकर टैक्स चोरी के मामले का भी अब खुलासा हो गया है। इस पूरे मामले से जुड़े करियर बेचने वाले और खरीदार अपनी-अपनी सफाई दे रहे हैं लेकिन पूरे मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वायरल हुए इस वीडियो ने यह साफ कर दिया कि इस पूरे मामले में भले ही पर्दा डालने की कोशिश हो रही है लेकिन चित्तौड़गढ़ की बाजार में बिना टैक्स का सोना खरीदा और बेचा जा रहा है जिस पर सरकार को चूना लगाया जा रहा है। अब वीडियो सामने आने के बाद जिम्मेदारों को भी इस बारे में विचार करना होगा कि आखिर चित्तौड़गढ़ में टैक्स चुराकर कितने सर्राफा व्यवसाई है जो इस तरह का बेनामी कारोबार कर रहे हैं। पूरे मामले में भले ही अलग-अलग तर्क दिए जा रहे हैं लेकिन यह साफ हो गया है कि सोने में मिलावट का खेल बिना बिल के जरिए जोर-जोर से चल रहा है जिसका अंतिम तौर पर भुगतान सोने के आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को ही करना है। वही इस पूरे मामले में सोने की शुद्धता की परीक्षण का दावा करने वाले बुलियन रिफाइनरी के कारोबार से जुड़े लोगों की साख और प्रासंगिकता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में पूरे मामले की जांच होने पर स्पष्ट हो पाएगा कि मिलावटी सोना बेचने को लेकर किसकी कितनी भूमिका है। और यह मामला बिना बिल का सोना खरीदने से जुड़ा है इसलिए ना तो खरीदने वाला ना बेचने वाला और ना ही कोई अन्य इस पूरे मामले में पुलिस या प्रशासन के पास कोई शिकायत दर्ज करवा रहा है। बल्कि अंदर खाने सूत्रों का कहना यह है कि इस पूरे मामले में इस व्यवसाय से जुडे सर्राफा संगठन के कुछ पदाधिकारी जो नाथद्वारा भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में सक्रिय है इसे दबाने में जुटे हुए हैं।
यह है पूरा मामला
वायरल हुए वीडियो से सामने आया है कि एक व्यक्ति चित्तौड़गढ़ के सोने चांदी के व्यापार व्यवसाय से जुड़े अर्जुन लाल सोनी की दुकान पर सोने का एक टुकड़ा बेचने पहुंचा जिसे रवा यानी कि सोने के पुराने आभूषणों को गला कर बनाया गया टुकड़ा बताया गया। जिसका श्रीराम बुलियन रिफाइनरी पर परीक्षण करवाया गया जिसकी पर्ची जारी हुई, लेकिन आवश्यकता होने पर जब इसे तोड़ा गया तो बीच में तांबे का टुकड़ा निकला। इसके बाद सोने का टुकड़ा लेकर आए भीलवाड़ा निवासी विनोद सोनी को मिलावटी सोना बेचने की बात कहते हुए रोक लिया गया। वीडियो में भीलवाड़ा निवासी विनोद सोनी ने इस सोने को चिकारडा के किसी अन्य सोने के व्यापारी पुरण सोनी का होने की बात कही। जिस पर चिकारडा निवासी पूरण सोनी को भी दुकान पर बुलाया गया और इस मामले में स्थानीय व्यापारियों की बैठक हुई और नुकसान की भरपाई के बाद मामले में समझौता हो गया। लेकिन इन सब के बीच किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जिससे स्पष्ट हो गया कि बिना बिल के सोने का लेनदेन करते हुए टैक्स चोरी की जा रही है। लेकिन सबका फायदा होने के चलते किसी के द्वारा इस पूरे मामले में कोई रिपोर्ट या शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है।
सबके अपने-अपने तर्क कार्रवाई शून्य
इस पूरे मामले में जब भीलवाड़ा निवासी विनोद सोनी से बात की गई तो उन्होंने खुद को सोने का आभूषण बनाकर बेचने वाला मार्केटिंग का व्यापारी बताया और कहा कि उन्होंने पूर्ण सोनी को कुछ सोने के आभूषण बेचे इसके बदले में उन्हें यह टुकड़ा दिया गया। और जब इसका पलटा करवाने के लिए वह दुकान पर पहुंचे तो इसमें तांबा पाया गया इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन बेवजह इस पूरे मामले में उनकी बदनामी हो रही है। वही रवे के नाम पर यह सोना खरीदने वाले व्यापारी अर्जुन लाल सोनी से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह पुराना सोना होता है। इसके लिए किसी भी प्रकार की बिल की आवश्यकता नहीं होती है ना ही इस पर कोई टैक्स लगता है। मिलावटी सोने को लेकर उन्होंने कहा कि यह सोना सही से गला हुआ नहीं था। ऐसे में यदि सोना खरीदने वाले व्यापारी की बात सही माने तो और स्पष्ट हो जाता है कि अगर सही से गल जाता तो तांबा सोने में मिल जाता और वह बाद में आभूषणों के जरिये ग्राहकों तक सोने के भाव में पहुंचता। ऐसे में टैक्स चोरी का कितना मिलावटी सोना चित्तौड़गढ़ की दुकानों पर बिक रहा है और कौन-कौन इस तरह के व्यापार में शामिल है इसकी पूरी जांच होने पर ही खुलासा हो पाएगा कि मिलावटी और बेनामी सोने का टैक्स चोरी के इस करोडो के कारोबार से कौन-कौन अपनी जेब भरने में जुटे हुए हैं।
देना पड़ता है टैक्स
इस मामले में जीएसटी विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नया या पुराना सुन होने से कोई फर्क नहीं पड़ता सबके लिए टैक्स निर्धारण है और टैक्स का भुगतान किया जाना अनिवार्य है। जब विभाग के अधिकारी इसे टैक्सी योग्य सोना मान रहे हैं तो फिर व्यापारी अपनी कमाई के लिए सरकार को चुना क्यों कर लग रहे हैं। वही चार्टर्ड अकाउंटेंटस से बात करने पर भी सामने आएगी अगर बिल बनाया जाए तो टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा इसलिए बिना बिल के लेनदेन टैक्स चोरी की श्रेणी में आते हैं।
जिम्मेदार करें मामले में कार्यवाही
इस पूरे मामले में जहां मिलावटी सोना बेचने की कवायद हुई है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और साफ हो गया है कि बड़ी गड़बड़ हुई है जिसमें टैक्स चोरी और मिलावटी सोना बेचने की कोशिश शामिल है लेकिन व्यापारियों के बीच अंदर खाने हुई समझाइश और समझौता वार्ता के चलते पूरे मामले को दबा दिया गया ऐसे में अब जिम्मेदारों को चाहिए कि इस पूरे मामले में जांच करते हुए मिलावटी सोना उसे बेचने वाले और बिना बिल के खरीदने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने के साथ ही उसकी शुद्धता की रिपोर्ट जांच करने वाली बुलियन रिफाइनरी के विरुद्ध भी तथ्यात्मक जांच की जानी चाहिए ।
