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नारकोटिक्स की हिरासत में बंदी की मौत का मामला

सीधा सवाल। चित्तौडग़ढ़। नारकोटिक्स की हिरासत में ही बंदी की मौत के मामले में पेच फंस गया है। मृतक के आश्रितों ने हत्या का आरोप लगाया है। उपखंड अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने न्यायिक जांच की मांग की है। लेकिन मामला सामने आने के 24 घंटे बाद भी शव का पोस्टमार्टम नहीं ही पाया है। हंगामे की आशंका और शांति व्यवस्था को लेकर जिला चिकित्सालय और कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया हुआ है। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच किसी प्रकार की समझौता वार्ता पर सहमति नहीं बन पाई है।
जानकारी के अनुसार गत 10 फरवरी को बस्सी क्षेत्र में बाइक पर चार किलो अफीम ले जाते कैलाश पुत्र भूरा लाल धाकड़ निवासी मांजी साहब का खेड़ा बिजोलिया को गिरफ्तार किया था। यह पांच दिन के रिमांड पर चल रहा था। इस बीच शुक्रवार शाम को बंदी कैलाश धाकड़ की मौत हो गई। इस संबंध में नारकोटिक्स टीम का कहना है कि बंदी ने शुक्रवार शाम चार बजे कार्यालय के शौचालय में जूते की लेस से फांसी का फंदा लगा आत्महत्या कर ली। इधर, मामले जानकारी मिलने पर शनिवार दोपहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ मृतक के परिजन चित्तौडग़ढ़ पहुंचे। यहां जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया। इसमें मारपीट कर हत्या का आरोप लगाया है। जिला कलक्टर के नाम का ज्ञापन ग्रामीणों ने एक ज्ञापन उपखंड अधिकारी बीनू देवल को सौंपा।
किराने की दुकान से उठा ले जाने का आरोप
परिजनों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि 10 फरवरी को नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी जाप्ते के साथ एक काले रंग की बिना नम्बरी स्कॉर्पियो व अन्य वाहन से कैलाश धाकड़ के गांव आए। यहां कैलाश धाकड़ अपनी किराणा की दुकान पर बैठा था। इसे जबरन उठा ले गए। इसका परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध भी किया। लेकिन वह कैलाश धाकड़ को पकड़ कर ले गए। ज्ञापन में परिजनों ने नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों पर लाखों रुपये मांगने और नहीं देने के कारण कैलाश की हत्या का आरोप लगाया। ज्ञापन में नारकोटिक्स के अधिकारियों के विरूद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज कर उसकी निष्पक्ष न्यायिक जांच व सीबीआई जांच कराने, न्यायिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की गई।
चोट होने का आरोप लगा भड़के, बैठे धरने पर
इधर, शव का पोस्टमार्टम सहित अग्रिम कार्यवाही के लिए अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश सिद्धार्थ सांधू मोर्चरी में पहुंचे। यहां मृतक के परिजनों को अपनी उपस्थिति में शव का अवलोकन कराया। लेकिन ग्रामीण शव पर चोटों के निशान होने की बात कहते हुए अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं होने तक पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात पर अड़ गए। साथ ही मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों द्वारा जूते की लेस से फांसी लगना, हिरासत में बंदी तक लेस या कोई रस्सी पहुंचने को संदिग्ध मानते हुए अधिकारियों द्वारा मांग के अनुरुप लाखों रुपये नहीं दिए जाने पर हत्या का आरोप लगाा कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की जा रही है।
कड़े रहे सुरक्षा के बंदोबस्त
इधर, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नारकोटिक्स ने उन्हें सूचना नहीं दी। सोशल मीडिया पर समाचार मिलने के बाद शनिवार सुबह बिजौलिया थाने में संपर्क किया तब कैलाश धाकड़ की मौत का पता चला। वहीं ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हुवे जिला कलेक्ट्रेट परिसर तथा जिला चिकित्सालय में अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया। इस दौरान पुलिस उप अधीक्षक चित्तौड़गढ़ ग्रामीण शिव प्रकाश टेलर, कोतवाली थानाधिकारी भवानी सिंह, साढ़े थानाधिकारी निरंजन प्रताप सिंह सहित अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया।
बचते दिखे नारकोटिक्स के अधिकारी
इधर, इस मामले को 24 घंटे से भी अधिक समय हो गया। लेकिन नारकोटिक्स के अधिकारी इस मामले में बोलने से बचते दिखे। कई बार फोन करने के बाद भी इस मामले को लेकर कोई बयान नहीं दिया।
