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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। एडवोकेट आरीफ अली चित्तौड़गढ़ ने थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ में शाहीद हुसैन लौहार पिता मोहम्मद रफी लौहार निवासी गांधीनगर व अकबर पिता स्व. आजाद मेरासी निवासी मोहर मगरी थाना कोतवाली के विरूद्ध एक प्रकरण इस आशय का दर्ज कराया कि आज से करीब एक-डेढ़ वर्ष पूर्व मोहर मगरी निवासी आजाद मिरासी के बीमार होने से प्राईवेट दवाखाना पर इलाज में लापरवाही से तबीयत बिगड़ गई और मृत्यु हो गई, जिसकी एवज में कम्पाउण्डर एवं पीड़ित परिवार के बीच मुआवजे की राशि का प्रार्थी ने अधिवक्ता के तौर पर लिखत पढ़त कराई थी और उक्त राजीनामा डेढ़ लाख रुपये में हुआ था। उक्त लिखत पढ़त अभियुक्त संख्या 1 शाहीद हुसैन लौहार के पास अमानत के तौर पर रखाई गई थी जिसमें 50 हजार रुपये नकद अदा किये गये थे और एक लाख रुपये किश्तों में अदा करना तय हुआ था। इस दौरान शाहीद हुसैन लौहार ने दवाखाने पर कार्यरत महिला नर्स से 75 हजार रुपये अपने मिलने वाले के खाते में डलवा लिये और पूर्व में दिये 50 हजार रुपये भी खाते में डलवा दिये। इस प्रकार एक लाख 25 हजार रुपये अपने मिलने वाले मित्र के खाते में डलवा दिये और पीड़ित परिवार को करीब 2 माह तक रुपया नहीं दिया। बाद में समाज के मौतबीर लोगों की समझाईश पर पीड़ित परिवार को दिलवाये गये और बकाया 1 लाख रुपये राशि का एक चैक अमानत के तौर पर अधिवक्ता आरीफ अली के पास रखाया गया। जिसे अधिवक्ता ने आज से करीब 4 माह पूर्व समाज के मौतबीर लोगों की उपस्थिति में पीड़ित परिवार को सुपुर्द कर दिया। जिस पर अभियुक्त संख्या एक व अभियुक्त संख्या दो आग बबुला हो उठे और अधिवक्ता को धमकी देने लगे की एक लाख रुपये तुम्हें अपनी जेब से देना होगा नहीं तो तुम्हें बदनाम कर देंगे।
इस बात को लेकर आज से करीब 6-7 दिन पूर्व अभियुक्त संख्या 1 शाहीद हुसैन लौहार ने प्रार्थी अधिवक्ता को बदनाम करने की नियत से और समाज में छवि धुमिल करने की नियत से अभियुक्त संख्या 2 अकबर के साथ मिलकर एक भ्रामक और असत्य वीडिया बनाया और अपने निजी मोबाइल नम्बर से सोशल मीडिया के वाट्सअप ग्रुपों पर पोस्ट के साथ अधिवक्ता की छवि धुमिल करने एवं उसे बदनाम करने और ब्लेकमेल कर दबाव बना कर 1 लाख रुपये की जबरन वसूली का प्रयास कर रहे हैं और अधिवक्ता के खिलाफ सोशल मीडिया पर गलत बयानबाजी और कमेन्ट कर गलत प्रचार प्रसार कर दबाव बना कर 1 लाख रुपये की वसूली कर रहे हैं और मुस्लिम समाज में सोशल मीडिया पर भ्रामक और गलत प्रचार प्रसार कर मुस्लिम समाज में आपस में वैमनस्य फैला कर लड़ाई झगड़े पर आमादा होकर अभियुक्तगण अधिवक्ता को बदनाम कर 1 लाख रुपये की जबरन वसूली करने पर आमादा है और समाज में अफवाह फैलाई जा रही है कि और भी कई तरह की वीडिया वायरल कर और गलत प्रचार प्रसार कर अधिवक्ता को बदनाम किया जाएगा और 1 लाख रुपये की वसली की जाएगी।
इस प्रकार की घटना को लेकर अधिवक्ता ने थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ में उक्त अभियुक्तगणों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कराया है। जबकि अभियुक्त संख्या 1 शाहीद हुसैन लौहार के विरूद्ध पूर्व में भी गबन का मुकदमा दर्ज हो चुका है। और भी कई तरह के मुकदमें दर्ज हो चुके हैं।