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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। जौहर स्मृति संस्थान चितौड़गढ़ के तत्वावधान में त्रि दिवसीय जौहर मेले के प्रथम दिवस शहर के मध्य स्थित सुभाष चौक में रात्रि 8 बजे सेअखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि सांसद सी.पी. जोशी थे। सांसद जोशी द्वारा सभी कवियों का माल्यार्पण कर सम्मान किया । जौहर स्मृति संस्थान के पदाधिकारियों अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह विजयपुर, महामंत्री तेजपाल सिंह खोर, उपाध्यक्ष शक्ति सिंह मुरलिया, महिला उपाध्यक्ष निर्मला कुंवर, संयुक्त मंत्री गजराज सिंह बराड़ा, कोषाध्यक्ष गोवर्धन सिंह भाटियों का खेड़ा, हर्षवर्धन सिंह रूद ने सभी आमंत्रित कवियों तथा सांसद सी.पी. जोशी,आगंतुक अतिथियों को ऊपरना तथा माल्यार्पण कर सम्मान किया। स्वागत उद्बोधन संस्थान के महामंत्री तेजपाल सिंह खोर ने दिया। कवि सम्मेलन का संचालन स्थानीय कवि नवीन सारथी ने किया। जौहर स्मृति संस्थान के कवि सम्मेलन समिति के नरेंद्र सिंह नरधारी एवं पुष्पेंद्र सिंह चौथपुरा ने बताया कि काव्य सरिता में राष्ट्र चिंतन एवं वीर रस के प्रख्यात कवि रामभदावर इटावा उत्तर प्रदेश,हास्य कवि मनोज गुर्जर राजसमंद,कवयित्री कोमल नाजुक रायबरेली,वीर रस एवं राष्ट्रभक्ति के कवि राजेंद्र गौड़ कोटा,हास्य कवि रजनीश शर्मा सीतामऊ मध्य प्रदेश,कुंवर प्रताप सिंह प्रतापगढ़ तथा आर.टी.ओ.नेमी चंद पारीक ने अपनी रचनाओं द्वारा श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा। दलपत सिंह तिलौली एवं शिवराज सिंह झालरा ने बताया कि इस दौरान जौहर स्मृति संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व केंद्रीय बोर्ड की 10वीं तथा12वीं में उत्कृष्ट अंक व स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली समाज की प्रतिभाओं का प्रशस्ति पत्र,मोमेंटो प्रदान कर सम्मान किया गया। नरेंद्र सिंह नरधारी ने भी भवानी वंदना व मेवाड़ का सिंहासन कविता प्रस्तुत की। कवि सम्मेलन की विधिवत शुरुआत कवयित्री कोमल नाजुक द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना के साथ हुई। कवि राम भदावर के कविता पाठ प्रस्तुत करते समय आतिशबाजी तथा तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। भदावर ने मां पद्मिनी पर अपने अंदाज में जीवंत तथा जोशीला काव्य पाठ प्रस्तुत कर सभी में जोश भर दिया। "वीरगति हो ऐसी की इतिहास अमर हो जाए" _"मुझको भारत की माटी में भारत माता दिखती है" _ "यदि राजस्थान नहीं होता तो हिंदुस्थान नहीं होता"आदि पंक्तियों पर श्रोताओं को सोचने पर मजबूर किया। कवि कुंवर प्रताप सिंह ने व्यंग्य,हास्य पर रचनाएं प्रस्तुत की। हास्य कवि रजनीश शर्मा ने मालवी भाषा में रचनाओं से खूब गुदगुदाया साथ ही "जिंदा सभी के दिलों में भारत देश रहना चाहिए" से रस परिवर्तन किया। कवि राजेंद्र गौड़ ने मां पद्मिनी,कर्मावती,फूल कुंवर को प्रणाम कर अपना काव्य पाठ प्रस्तुत किया।एक सपा सांसद द्वारा महाराणा सांगा के ऊपर गलत बयान बाजी पर अपने अंदाज में जवाब दिया। कवि ने मेवाड़ एवं भगवा पर ओजपूर्ण काव्य पाठ करते हुए श्रोताओं को चिंतन पर मजबूर किया और कहा कि "दुनिया में भगवाआतंकी रंग नहीं हो सकता..."। हास्य कवि मनोज गुर्जर ने अपने अंदाज में हास्य के साथ ही वीर रस में "हम आए हल्दी घाटी से,उस वीर प्रसूता माटी से तथा बेटियों पर भावपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत की। कवयित्री कोमल नाजुक ने जौहर स्मृति संस्थान के मर्यादित मंच पर मर्यादित भाषा में श्रृंगार पर रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं को आनंदित कर भाव विभोर किया। आर.टी.ओ. नेमीचंद पारीक ने भी अपनी रचनाएं "श्रोणित माटी पर भी अगर में आग नहीं पढ पाऊंगा,राष्ट्रवाद की अलख जगाने बोलो किस दर जाऊंगा"से वीर प्रसूता भूमि चितौड़गढ़ नमन किया। "सभी समवेत स्वरों में वंदे मातरम् बोलेंगे"भावपूर्ण रचना प्रस्तुत की। इस अवसर पर कवियों को सुनने दूर-दूर से काव्य रसिक श्रोता सहित शहर एवं समाज के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक,महिला,पुरुष आदि उपस्थित थे।
