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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने चित्तौड़गढ़ दौरे के दौरान दुर्ग की वीर भूमि को नमन किया। उन्होंने हेलीकॉप्टर से उतरते ही चित्तौड़ दुर्ग की माटी को अपने मस्तक पर लगा कर तिलक किया। इसके बाद उन्होंने वीर भूमि को हाथ जोड़ कर नमन किया और स्वागत के लिए खड़े कार्यकर्ताओं से मिलने आगे बढ़े। यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि मेवाड़ की गौरवशाली विरासत और शौर्य को श्रद्धांजलि देने का भावनात्मक क्षण था।
जानकारी के अनुसार सीएम भजनलाल शर्मा मंगलवार दोपहर में चित्तौड़ दुर्ग पर पहुंचे थे। वे हेलीकॉप्टर से उतरे तो साथ में निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद्र कृपलानी तथा पूर्व जिला कलक्टर अरविंद पोसवाल भी साथ थे। यहां हेलीपेड पर की गई लाइनिंग के घेरे से बाहर आने के बाद सीएम शर्मा अचानक रुके और नीचे झुके। उन्होंने नीचे झुक कर दुर्ग की रज को उठाया और अपने माथे पर तिलक लगाया। बाद में इस धरा को प्रणाम कर आगे बढ़े। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को यह बात पता है कि मेवाड़ की यह माटी चंदन से कम नहीं इसमें केवल सुगंध ही नहीं, बल्कि स्वाभिमान, बलिदान और अटूट राष्ट्रभक्ति की गाथाएं भी समाई हुई हैं। यही वह धरती है, जहां महाराणा प्रताप ने मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष किया था, जहां रानी पद्मिनी का आत्म सम्मान इतिहास के पन्नों में अमर हुआ और जहां हर कण-कण में वीरता की कहानियां बसती हैं। सीएम का यह तिलक केवल माथे पर नहीं, बल्कि हृदय में मेवाड़ की शौर्यगाथा को संजोने का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि मेवाड़ की भूमि आज भी वीरता और स्वाभिमान की प्रेरणा देती है और इसकी गौरवशाली परंपराएं सदैव सम्मानित सहेगी। सीएम के चित्तौड़ दुर्ग की धरा को माथे पर लगाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ है।