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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। जहां एक ओर चित्तौड़गढ़ जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के मामले की सुनवाई के लिए न्यायालय की बैंच स्थापित हो गई है। वहीं भ्रष्टाचार और रिश्वत के कई मामले भी सामने आ रहे है। हाल ही में कोटा ब्यूरो की टीम द्वारा रेंजर और सहायक वनपाल को रिश्वत के मामलों में गिरफ्तार किया था। इसी बीच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उदयपुर की टीम ने चित्तौड़गढ़ जिले में आकोला थाने के एएसआई को 15 हजार की रिश्वत के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
एसीबी उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि परिवादी प्रकाश गाडरी ने आकोला थाने के एएसआई बाबूलाल मीणा के विरूद्ध शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि उसकी नाता विवाह की पत्नी के मामले में दी गई एफआईआर के मामले में रूपयों की मांग की है। इस पर एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन करवाया गया। इस दौरान एएसआई बाबूलाल ने परिवादी से 2 हजार रूपये लिए, वहीं कल शाम परिवादी प्रकाश गाडरी से 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते एसीबी उदयपुर की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस निरीक्षक नरपत सिंह के नेतृत्व में कार्यवाही को अंजाम दिया गया। जानकारी है कि एएसआई ने मामला निपटाने के एवज में राजीनामे के लिए 50 हजार रुपए पहले ही प्राप्त कर लिये थे।
नाते के बाद पत्नी फिर गई पूर्व पति के पास
इस संबंध में जानकारी मिली है कि प्रकाश गाडरी ने आकोला थाने में नाते लेकर आए पत्नी के वापस अपने पूर्व पति के पास चले जाने को लेकर रिपोर्ट दी थी। लेकिन थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर न्यायालय से एफआईआर दर्ज हुई थी। अपनी एफआईआर में परिवादी ने बताया कि उसके नाते की पत्नी ने षड़यंत्र पूर्वक उनके परिवारजनों के साथ मिल कर उसके खिलाफ झूठा बलात्कार और छेड़खानी का मामला दर्ज करा कर नाता विवाह करने का दबाव बनाया। मामला दर्ज होने के बाद परिवादी प्रकाश ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी। वल्लभनगर थाने में दर्ज यह मामला उच्च न्यायालय से रद्द हो गया था। इसके बाद षडयंत्र पूर्वक उससे विवाह करवा दिया और इसी षड़यंत्र के तहत पूर्व पति को झगड़ा देने के एवज में 7 लाख 11 हजार रुपए वसूले गए। लेकिन कुछ समय बाद उसकी पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया और सात माह के बच्चे को छोड़ कर उसकी पत्नी फिर अपने पूर्व पति के पास भाग गई और अपने साथ 2 लाख नगद और गहने भी ले गई। इसी मामले को लेकर उसने आकोला थाने में रिपोर्ट दी थी। इस एफआईआर के मामले में बाबूलाल मीणा ने रिश्वत की मांग की थी। इस एएसआई को एसीबी ने ट्रेप कर लिया।
न्यायालय में किया पेश
आकोला थाने में कार्यवाही पूरी होने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के नेतृत्व में टीम और गिरफ्तार एएसाआई को एसीबी चौकी चित्तौड़गढ़ लाया गया। यहां से आवश्यक कार्यवाही के बाद हाल ही में शुरु हुई एसीबी न्यायालय चित्तौड़गढ़ में पेश किया गया। एसीबी न्यायालय का लगातार दूसरा मामला है।