2667
views
views

सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। अलग-अलग राज्यों से ऑनलाईन साइबर ठगी कर ठगी की राशी अपने बैंक खातों मे प्राप्त करने वालो व उस राशी को अपने अन्य सदस्यों को चैक, एटीएम के माध्यम से निकाल कर देने वालों व चैक, एटीएम से प्राप्त करने वालों के विरूद्ध विधिक कार्यवाही करते हुए जिले की साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले मास्टर माइन्ड के भाई को साइबर थाना पुलिस ने गिरफतार किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि साइबर अपराधों पर नियंत्रण एवं प्रभावी कार्यवाही हेतू साइबर ठगी करने वाले अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए उनके विरूद्ध विधिक कार्यवाही करने के तहत साइबर थाने पर धारा 66डी आई.टी एक्ट प्रकरण दर्ज कर अनुसन्धान किया गया।
एएसपी महिला अपराध व अनुसंधान सेल मुकेश सांखला के सुपरविजन में डीएसपी रामेश्वरलाल के नेतृत्व में थाना साइबर से हैड कानि. देउ शर्मा, ललिता, कानि. रामनिवास, धर्मपाल, महेन्द्र व महिला कानि. स्वाती एवं साइबर सैल के हैड कानि. राजकुमार की टीम का गठन किया जाकर अनुसधान किया गया। अनुसंधान के दौराने संदिग्ध खाताधारक के बैंक अकाउन्ट स्टेटमेन्ट का अवलोकन किया गया तो अलग-अलग राज्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, उतरप्रदेश, तमिलनाडु से साइबर ठगी की राशि संदिग्ध के खाते में आना पाई गई व नगद चैक व ए.टी.एम द्वारा राशि को निकाली गई जिस पर खाताधारक से गहनता से अनुसंधान किया गया। जिस पर खाताधारक नें पुछताछ में बताया कि वह व उसका भाई रमेश जटीया अन्य लोगों के साथ मिलकर ऑन-लाईन साइबर फ्रॉड का काम करते है व राशी को अपने बैंक अकाउन्ट में जमा कराते है। साइबर फ्रॉड कर अपने बैंक अकाउन्ट से रूपये नगद प्राप्त कर लेते है व अन्य गिरोह के सदस्यों को चैक देकर उनके द्वारा रूपये प्राप्त कर लेते है। मामले में मुख्य आरोपी के भाई चन्देरिया थानांतर्गत नायकों का मोहल्ला माताजी की पाण्डोली निवासी 32 वर्षीय लक्ष्मण पुत्र भगवानलाल जटिया को गिरफतार किया जाकर न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा। प्रकरण में आरोपी के भाई रमेश जटिया व अन्य गिरोह के संबंध में अनुसंधान किया जायेगा।
उक्त कार्यवाही में साइबर थाने के हैड कानि. ललिता व कानि. रामनिवास की विशेष भूमिका रही।