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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़ जिले से चयनित युवा स्वयंसेवक ऋषभ चतुर्वेदी ने नेहरू युवा केंद्र के तत्वोंधान में
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बुधवार को राजस्थान विधानसभा में राज्यस्तरीय युवा संसद में भागीदारी निभाते हुए संबोधन दिया।
चतुर्वेदी ने रामचरितमानस की चौपाई
"दैहिक दैविक भौतिक तापा, राम राज नहिं काहुहि ब्यापा। सब नर करहिं परस्पर प्रीती, चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीती।।" का वर्णन करते हुए बताया कि बाबा तुलसीदास द्वारा आदर्श राष्ट्र की परिकल्पना रामराज्य के रूप में लिखी गई है वह दर्शाती है, जिस राष्ट्र की अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन मजबूत हो एवं नागरिकों में एक दूसरे के प्रति परस्पर प्रेम हो व संविधान के प्रति पूरी आस्था हो वह राष्ट्र विकसित या आदर्श राष्ट्र कहलाता है।
चतुर्वेदी ने कहा कि जब राष्ट्र की समस्त युवा शक्ति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें तो वह राष्ट्रनिर्माण के लक्ष्य में बहुत महत्त्वपूर्ण योगदान साबित होगा एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी को याद करते हुए कहा कि हम जियेंगे तो भारत के लिए और मरेंगे तो भारत के लिए,
अंततः भारत माता के जय घोष के साथ संबोधन पूर्ण करने पर संपूर्ण संसद सराहना की थाप से गूँज गई ।
राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित युवाओं ने अपने वक्तव्य कौशल को प्रदर्शित करते हुए संविधान के 75 वर्ष होने की उपलब्धियों पर सदन को संबोधित किया।