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सीधा सवाल। निंबाहेड़ा। मेवाड़ के गौरव और वीर शिरोमणि महाराणा सांगा को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा दिए गए बयान का विरोध अब लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है। विभिन्न संगठन इस बयान के विरोध में लामबंद होते हैं दिखाई दे रहे हैं। इसी क्रम में अभिभाषक संघ निंबाहेड़ा द्वारा समाजवादी पार्टी के संसद के बयान के विरोध में उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर महामहिम राष्ट्रपति से सुमन की संसद की सदस्यता निरस्त करने की मांग की है। बार संघ अध्यक्ष कमलेश श्रीमाली के नेतृत्व में सौंप गए ज्ञापन को लेकर जानकारी देते हुए पूर्व अभिभाषक संघ अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह सोलंकी ने बताया कि अभिभाषक संघ निंबाहेड़ा के तत्वावधान में महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम उपखंड अधिकारी के जरिए ज्ञापन भेजा गया है। महाराणा सांगा अप्रतिम योद्धा और मेवाड़ का गौरव है। उनके विरुद्ध की गई टिप्पणी पूरी तरह से अमर्यादित है। इस टिप्पणी से संपूर्ण समाज और मेवाड़ आहत है। ऐसी टिप्पणी करने वाले संसद की सदस्यता तुरंत प्रभाव से निरस्त की जानी चाहिए। संपूर्ण समाज इस बयान की निंदा करता है। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार ओझा, मदन लाल चपलोत, लक्ष्मण सिंह बडोली, रामेश्वर लाल धाकड़, हरिश वैष्णव, रणजीत सिंह नारेला, सत्यमेव सेठिया, नरेंद्र कुमार वैष्णव, हरिश सोलंकी, कपिल कदम, अमरचंद धाकड़, अनिल पाटीदार, सत्यनारायण सालवी, अरविंद पाल सिंह बडोली, घनश्याम शर्मा, घनश्याम असावा, जगदीश चंद्र मेनारिया, कैलाश गायरी, रतनलाल राजोरा, शंभू लाल तेली, शंकर प्रजापत, विशाल कुमावत, सचिन, कौशल भराडिया, ज्ञानचंद धाकड़, जगदीश भांबी, अभय सर्वा, ईश्वर धाकड़, रामलाल अहीर, मनीष माली, शाहिद अधिवक्ताओं ने नारे लगाते हुए हुए ज्ञापन दिया। साथ ही इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार भी किया।