चित्तौड़गढ़ / चिकारड़ा - चिकारड़ा में 10 घंटे से अधिक समय के लिए विद्युत सप्लाई बंद, ग्रामीण हुए परेशान
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सीधा सवाल। चिकारड़ा। अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के चिकारड़ा 33 केवी जीएसएस से जुड़े विभिन्न क्षेत्र में विद्युत सप्लाई की जाती है। बार-बार विद्युत की ट्रिपिंग आने को चिकारड़ा सहित क्षेत्र के वासिदे सहन करते रहे हैं। लेकिन शनिवार को प्रातः 8 बजे गुल हुई बिजली शाम तक समाचार लिखने तक भी बहाल नहीं हुई। इसकी जानकारी किसी भी माध्यम से उपभोक्ता तक नहीं है की किस कारण से विद्युत सप्लाई को बाधित किया गया है। ग्रामीणों द्वारा लाइट बंद की जानकारी सहायक अभियंता डूंगला से दूरभाष के माध्यम से जाननी चाही लेकिन मोबाइल बराबर नो रिप्लाई होता रहा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि चिकारड़ा में लाइट बंद चालू या सिस्टम फाल्ट आने पर ग्रुप के माध्यम से ग्रामीणों को सूचित किया जाता है। कनिष्ठ अभियंता द्वारा जो ग्रुप बनाया गया है उसमे किसी प्रकार की कोई भी जानकारी नहीं डाली गई। आखिर विद्युत सप्लाई बंद किस कारण से हैं यह बताने वाला कोई नहीं है। हालांकि मंगलवाड़ कनिष्ठ अभियंता रवि वर्मा द्वारा 1 बजे जानकारी करने पर बताया कि 132 का अर्थिंग तार टूटने पर सुधार किया जा रहा है। इस तरह से विद्युत विभाग का कोई भी धनी धोरी नहीं है। पुराने समय में ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत विभाग को धुतक मंडल के नाम से जाना जाता था वह आज चरितार्थ होता नजर आया। ग्रामीण अम्बालाल ने बताया कि पिछले 1 साल से चिकारड़ा सहित क्षेत्र में विद्युत अधिकारियों की लापरवाही से कहीं तार ढीले पड़े हैं इतने नीचे है कि हाथ ऊपर करने पर तार टच होते हैं तो भेरूलाल ने बताया कि कहीं-कहीं विद्युत पोल टूटे हुए भी खड़े हैं जिससे कभी भी हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। अकोलागढ़ रोड पर विद्युत केबल पिछले लंबे समय से खराब पड़ी है जिसको बार-बार जॉइंट कर चलाया जा रहा है जिससे कभी भी हादसा हो सकता है ऐसी स्थिति में भी अधिकारी वर्ग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया । ग्रामीणों की माने तो विद्युत सप्लाई कब कटेगी और फिर कब आएगी इसका कोई अनुमान नहीं है। रही ठेकेदारी प्रथा की बात तो चिकारड़ा जीएसएस पर कितने व्यक्ति कार्यरत हैं कितने की ड्यूटी है यह अधिकारी को भी पता नहीं है। निगम ने 24 हॉर्स के लिए एफआरर्टी लगा रखी है। लेकिन रात रात भर ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ता है। ग्रामीणों की कोई सुनने वाला नहीं है। दिन भर लाइट नही होने से पेयजल सप्लाई नही हो पाएगी वही बैंक के कामकाज दिन भर बन्द पड़े रहे । ग्रामीणों को परेशान होना पड़ा। इस पर आधारित व्यसायिक धंधे दिन भर बन्द पड़े रहे । टायर पंचर वाले ग्रामीण परेशान दिखाई दिया । हॉस्पिटल में लेबोरेटरी सहित जांच मशीन बन्द रहने से मरीजो को अन्य स्थानों की ओर रुक करना पड़ा। ग्रामीण शंकर लाल ने बताया कि आखिर इंसान इन मुसीबत को झेलते हुए भी संतोष कर बैठता है। आखिर जाए तो जाए कहां कहै तो किसे और सुने कौन । ग्रामीणों ने शीघ्र ही व्यवस्था में सुधार करने की मांग की।
अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड डूंगला को बार-बार फोन लगाने पर भी फोन नो रिप्लाई होता रहा।
इनका कहना
विद्युत निगम के अधिकारी मेरा फोन भी नही उठा रहे। बैंक के सर्वर भी बन्द रहे वही वाटर सप्लाई डिस्टर्ब हुई है। चिकारड़ा में बिजली की मकड़जाल समस्या बनी हुई है। लेकिन कोई भी सूनने वाला नही है। खंभे टूटे ,केबल नीचे झुकी हुई , बार बार फाल्ट आना ऐसी कई समस्याएं हैं ना तो ठेकेदार कर्मी सुनते हैं और नहीं एफआरटी वाले
रोड़ीलाल खटीक, प्रशासक चिकारड़ा