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सीधा सवाल। चिकारड़ा। ग्रामीण इलाके में गणगौर पर्व पिछले 15 दिनों से हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा था। वही 16 वे दिन इसर पार्वती की पूजा करते हुए नित नए श्रंगार करते हुए खातिर दारी की गई । वही विभिन्न पकवानों का भोग लगाया गया । इसके साथ ही गीत संगीत के साथ नृत्य करती महिलाओं को देखा गया। महिलाएं गणगौर के विभिन्न गीत गाते हुए गौम-गौम गोमती, ईसर पूजे पार्वती की धुन विशेष रुओ से सुनने को मिली । अपने सौभाग्य के साथ सुख की कामना लिए युवतियों सहित नवविवाहित महिलाओं ने गणगौर बनाकर पिछले 15 दिनों से अनवरत पूजा की जा रही थी। 16 दिन तक चलने वाले इस पर्व में प्रति दिन गणगौर को लेकर महिलाएं युवतियां पूजा करने के साथ घर घर वंदोरा भी देती रही है । वही दिन प्रतिदिन नृत्य कर इसर पार्वती को रिझाने में लगी रही । ताकि मन पसन्द वर मीले सके वही महिलाएं अपने शौभाग्य की कामना करती है । 16 वे दिन गणगौर की विशेष रूप से दिन पर पूजा अर्चना की गई । महिलाओं ने जम कर नृत्य किया । 4 बजे बाद गणगौर को विदाई देते हुए जलाशय में विसर्जित किया ।