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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। "परंपराओं को सहेजते हुए समसामयिक विकास और परिवर्तन को अपनाकर ही राष्ट्र को शक्तिशाली बनाया जा सकता है।" यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, चित्तौड़गढ़ प्रांत के प्रांत महाविद्यालय विद्यार्थी कार्य प्रमुख श्री विनोद यादव ने नववर्ष प्रतिपदा उत्सव के अवसर पर व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार का जीवन राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और समाजसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति और परंपराओं की महत्ता को स्वीकारते हुए समाज में आवश्यक नवीन परिवर्तनों को अपनाने पर जोर दिया। यादव ने यह भी कहा कि आदर्श नागरिक बनने के लिए हमें डॉ. हेडगेवार जी की दूरदृष्टि से प्रेरणा लेनी होगी। उन्होंने स्वतंत्रता से पूर्व ही यह विचार किया था कि स्वतंत्रता प्राप्त करने के साथ-साथ उसे संभालने की शक्ति भी आवश्यक होगी। उनकी इसी दूरदृष्टि का परिणाम है कि आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा संगठन बनकर राष्ट्रसेवा में संलग्न है।
वर्ष प्रतिपदा नवसंवत्सर कार्यक्रम के अवसर पर, संघ ने इसे केवल एक उत्सव तक सीमित न रखते हुए इसे संकल्प दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया। स्वयंसेवकों से अपने जीवन में संकल्प लेने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आग्रह किया गया।
इस अवसर पर विभाग संघचालक हेमंत जैन एवं जिला संघचालक अनिरुद्ध सिंह भाटी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, गणमान्य नागरिकों एवं युवाओं ने भाग लिया।
उत्सव के दौरान आद्य सरसंघचालक प्रेरणा गीत का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकता का परिचय दिया। कार्यक्रम का समापन संघ गीत और भारत माता की जयघोष के साथ हुआ।