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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। मेवाड़ और मालवा की मुख्य नगदी फसल अफीम का तौल शुरु हो गया है। इस बार मौसम की अनुकूलता के कारण अफीम की अच्छी पैदावार हुई है। वहीं अब किसानों को अफीम के तौल के बाद भुगतान के लिए भी लम्बा इंतजार नहीं करना होगा। अफीम का परीक्षण नीमच अफीम फैक्ट्री में ही होने के चलते जल्द से जल्द किसानों को कुछ ही दिनों में भुगतान हो जाएगा। बड़ी बात यह है कि न तो किसान की रिकवरी होगी और न ही 10 प्रतिशत भुगतान रोका जाएगा। फसल के बदले पूरा का पूरा भुगतान अंतिम परीक्षण के बाद दो से चार दिनों में ही हो जाएगा। इधर, अफीम की लुराई-चिराई के बाद डोडों से निकली अफीम की तुलाई शुुरु कर दी गई है। चित्तौड़गढ़ जिले के तीन खंडों में से 2 खंड के किसानों की अफीम चित्तौड़गढ़ के नारकोटिक्स विभाग में तौली जा रही है। वहीं तृतीय खंड के किसानों की अफीम का निम्बाहेड़ा में तौल होगा। जिले के 762 गांवों के कुछ 20 हजार 545 किसान एक से 29 अप्रैल तक अपनी उपज का तौल करवाएंगे। अफीम के तौल के लिए 20-20 किलो के कंटेनर रखे गए है।
पहले दिन 43 गांवों के 741 किसानों की अफीम का तौल
जानकारी के अनुसार पहले दिन 3 खंडों में 43 गांवों के 714 किसानों की अफीम का तौल हुआ है। प्रथम खंड के जिला अफीम अधिकारी अजय कुमार शंखवार ने बताया कि पहले दिन 18 गांवों के 210 किसानों की 1749.420 किलो अफीम का तौल हुआ। यह अफीम भदेसर, बस्सी और चित्तौड़गढ़ के 210 किसानों की थी। यह तौल 12 दिनों तक चलेगा और 28 गांवों के 444 किसान अफीम तुलवा पायेंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम खंड के 200 कंटेनर नीमच फैक्ट्री भिजवा दिये गये है। इधर, द्वितीय खंड के जिला अफीम अधिकारी अमरसिंह कन्नौजिया ने बताया कि 8 दिनों में 4 हजार 431 किसान अफीम तुलवायेंगे। वहीं पहले दिन 19 गांवों के 338 किसानों की अफीम तोली गई है। इस खंड में कपासन, भूपालसागर, मावली, गंगरार, राशमी और डूंगला क्षेत्र के किसानों की अफीम तोली जायेगी और हाथों-हाथ कंटेनर रवाना किए जाएंगे।
निम्बाहेड़ा में 4 हजार 600 किसान देंगे अफीम
निम्बाहेड़ा के एक निजी रिसोर्ट में अफीम का तोल शुरु हो गया है। यहां करीब 12 अप्रैल तक 30 टन से अधिक अफीम तोली जाएगी। पहले दिन 165 किसानों की अफीम तोली गई है। यहां निम्बाहेड़ा और बड़ीसादड़ी के किसानों की अफीम का तौल किया जा रहा है। वहीं सीपीएस पद्धति के 2 हजार 243 किसान 15 से 29 अप्रेल तक अपने डोडे तुलवा पायेंगे।
चाक चौबन्द रही सुरक्षा व्यवस्था
अफीम के तौल को लेकर चित्तौड़गढ़ के नारकोटिक्स विभाग और निम्बाहेड़ा के रिसोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबन्द की गई है। नारकोटिक्स के गार्ड के अतिरिक्त पुलिस जाप्ता भी तैनात किया गया है। अफीम तुलाई के लिए टेंट लगाये गये है। वहीं किसानों की सुविधा के लिए पेयजल के साथ-साथ वाटर कूलर लगाए गए है। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से स्थाई कैमरों के अतिरिक्त सीसी टीवी कैमरे भी लगाए गए है।
सीपीएस के डोडों के लिए लगी वेलर मशीन
कोटा के सहायक नारकोटिक्स आयुक्त जेएस राजपुरोहित ने बताया कि जिले के तीन खंडों के लिए 4 वेलर मशीन लगाई गई है। 15 अप्रैल के बाद शुरु होने वाले सीपीएस के डोडों के तौल के बाद इन वेलर मशीन के जरिए डोडों को का चूरा कर नीमच अफीम फैक्ट्री भेजेंगे। चित्तौड़गढ़ के प्रथम खंड में 2 व द्वितीय और तृतीय खंड में 1-1 वेलर मशीन लगाकर डोडों को कम्प्रेस किया जाएगा।
अफीम खरीद के मूल्य बढ़ाने की मांग
अफीम के तौल के साथ यहां पहुंचे किसानों ने बताया कि वर्तमान में किसानों को अफीम की कीमत नहीं मिल पा रही है। फिलहाल 2000 से 2400 रुपए प्रति किलो के हिसाब से ही भुगतान मिल पाता है। किसानों का कहना है कि प्रति किलो कम से कम 10 हजार रुपए का भुगतान किया जाना चाहिए। किसानों का कहना है कि अफीम की कीमत बढ़ाना इसलिए जरूरी है कि अफीम की खेती जोखिम पूर्ण होने के साथ बहुत खर्चीली है।