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सीधा सवाल। निंबाहेड़ा।
पंचायत समिति परिसर, निंबाहेड़ा में शनिवार को नीति आयोग के आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व यूडीएच मंत्री एवं विधायक श्रीचंद कृपलानी के मुख्य आतिथ्य तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक अशोक नवलखा, उपखण्ड अधिकारी विकास पंचोली, पश्चिम मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह शक्तावत, नगर अध्यक्ष कपिल चौधरी, पंचायत समिति विकास अधिकारी लक्ष्मण लाल खटीक, सीडीपीओ दिलीप सिंह, नगर महामंत्री देवकरण समदानी एवं कमलेश बुनकर मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य ब्लॉक स्तर पर सामाजिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य एवं पोषण तथा पशु टीकाकरण से जुड़े विभिन्न संकेतकों को संतृप्त कर निंबाहेड़ा को स्वच्छ, स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बनाना तथा आमजन के जीवन स्तर में स्थायी एवं सकारात्मक सुधार लाना है।
कार्यक्रम से पूर्व उपखण्ड कार्यालय निंबाहेड़ा से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्कूली छात्राओं द्वारा हाथों में तिरंगा लेकर निकाली गई जागरूकता रैली को विधायक श्रीचंद कृपलानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली पंचायत समिति परिसर तक पहुँची, जिसके माध्यम से शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश आमजन तक पहुँचाया गया।
पंचायत समिति परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। प्रारंभ में विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
स्वागत उद्बोधन में उपखण्ड अधिकारी विकास पंचोली ने बताया कि नीति आयोग द्वारा 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक संपूर्णता अभियान 2.0 संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत कुल 6 संकेतकों का चयन किया गया है, जिनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के चार, शिक्षा विभाग तथा पशुपालन विभाग से एक-एक संकेतक शामिल हैं। इन सभी संकेतकों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य अतिथि विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में नीति आयोग द्वारा संचालित आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम में निंबाहेड़ा का चयन होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। यह कार्यक्रम केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित विकसित भारत ग्रामीण आजीविका मिशन (वीबी ग्राम योजना), प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, स्वच्छ भारत मिशन एवं नई शिक्षा नीति जैसी योजनाएँ ग्रामीण एवं शहरी विकास की मजबूत नींव रख रही हैं। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गरीब, किसान, महिला, युवा एवं वंचित वर्ग के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है।
विधायक कृपलानी ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, महिला सशक्तिकरण तथा पशुपालन एवं कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। संपूर्णता अभियान 2.0 के माध्यम से इन योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निंबाहेड़ा ब्लॉक ने पहले चरण में देश में द्वितीय एवं राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि प्रशासन, जनप्रतिनिधि एवं आमजन मिलकर कार्य करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। दूसरे चरण में भी सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर निंबाहेड़ा को देश में प्रथम स्थान दिलाने का संकल्प लें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक ने संपूर्णता अभियान 2.0 के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि इस अभियान में निर्धारित 6 संकेतकों को पूर्ण संतृप्त कर निंबाहेड़ा ब्लॉक को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के 500 ब्लॉकों में प्रारंभ किए गए आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम के प्रथम चरण में निंबाहेड़ा ब्लॉक ने देश में द्वितीय एवं राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। अब द्वितीय चरण के रूप में संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ किया गया है।
गौरतलब है कि 7 जनवरी 2023 को दिल्ली में आयोजित मुख्य सचिवों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम की घोषणा की थी। इसके अंतर्गत नीति आयोग द्वारा देशभर में 500 ब्लॉकों का चयन सामाजिक एवं आर्थिक सुधार हेतु किया गया, जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, शिक्षा एवं सामाजिक विकास से जुड़े कुल 40 संकेतकों में सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।