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सीधा सवाल। कपासन। विराट हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम को लेकर नगर में निकली भव्य शोभा यात्रा,संत आशीर्वचन और धर्मसभा के पश्चात सामाजिक सहभोज का आयोजन हुआ।कपासन नगर में शनिवार को विराट हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम का भव्य ओर ऐतिहासिक आयोजन देखने को मिला। कार्यक्रम के शुभारंभ में उपस्थित जनों ने मंत्रोच्चार के साथ शिवाजी महाराज की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात शोभा यात्रा पंचमुखी बालाजी मंदिर से गाजे बाजे के साथ प्रारंभ हुई। शोभा यात्रा मुख्य बाजार से होती हुई एस आर वाटिका कपासन पहुंची। जहां आयोजन के संयोजक राधेश्याम वैष्णव ने हिंदू सम्मेलन की संपूर्ण पृष्ठभूमि को स्पष्ट किया।मातृशक्ति की ओर से अपना पक्ष रखते हुए अध्यापिका सुधा विजयवर्गीय ने मां को बच्चे के जीवन में प्रथम गुरु बताया।रामस्नेही संप्रदाय के संत कीमत राम महाराज द्वारा अपने उद्बोधन में बताया कि हमारे विचारों के अनुसार हमारे धर्म, समाज और देश का निर्माण होगा,आज हमें जागृत होने की आवश्यकता है। आज हिंदू समाज अपने बच्चों को रोजगार प्राप्त करने की शिक्षा उपलब्ध करवा रहा हैं। लेकिन इसके साथ साथ शस्त्र ओर शास्त्र ज्ञान की महत्ता को अति आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाहा दिनेश भट्ट ने बताया कि हम सब का परम सौभाग्य है कि हमारा जन्म भारत जैसी धन्य धरा पर हुआ। इस भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने हेतु संपूर्ण हिंदू समाज को एक होना होगा,श्रेष्ठ मनुष्य निर्माण हेतु लगातार प्रयास करना होगा,भारत के अलावा ओर किसी देश की भूमि को मां का दर्जा नहीं दिया गया है। संसार का सबसे प्राचीनतम धर्म हिंदू सनातन धर्म है। इस संसार में ऐसी कोई भी विचार धारा नहीं है जो सर्वे भवन्तु सुखिन: की कामना नहीं करती है। भारत में पराई स्त्री मां के सामान ओर पराया धन मिट्टी के सामान बताया। सनातन धर्म की रक्षा करने का जिम्मा स्वयं भगवान ने उठा रखा हैं। पूर्व में भी ऐसी कई आक्रांता शक्तियां आई परंतु भारत के हिंदुओं और उनके रक्षक देवताओं ने सभी को परास्त कर दिया। अंत में पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता स्वदेशी का भाव पर्यावरण प्रदूषण कुटुंब प्रबोधन एवं नागरिक कर्तव्य को अपने निज जीवन में प्रत्येक जन को उतारने के बारे में आग्रह किया।मेवाड़ महामंडलेश्वर अनुज दास महाराज मुंगाना धाम द्वारा अपने बच्चों को धर्म शास्त्र ओर संस्कृति से जोड़कर रखने की महत्ती आवश्यकता हैं।हमें अपने धर्म को जागृत करने की आवश्यकता है। केवल भारत माता ऐसी भूमि है जिसमें स्वयं परमात्मा को जन्म देने की क्षमता है। हमें भारत को सोने की चिड़िया से अब सोने का शेर बनाने पर जोर देने के बारे में बताया। भारत ऐसी भूमि है जहां सूर्य उदय होने से पूर्व भारत माता के चरणों में प्रकाश देकर उनसे उदय होने की आज्ञा मांगकर उगता है। अनुज दास महाराज ने आगामी 27 अप्रैल को गौ माता को राष्ट्र माता बनाने हेतु संपूर्ण भारत वर्ष में दिए जाने वाले प्रार्थना पत्र में गौ सम्मान आव्हान अभियान के अंतर्गत सभी को सपरिवार जुड़ने का आव्हान किया।कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर सोनी ने इस आयोजन में पधारे समस्त जनो का आभार व्यक्त करते हुए प्रत्येक सनातनी कार्यक्रम में इसी प्रकार से बढ़ चढ़कर भाग लेने के बारे में हिन्दू समाज से निवेदन किया। कार्यक्रम का संचालन गोपाल कृष्ण काबरा ने किया।इसके पश्चात सामाजिक सहभोज में हिंदू समाज के विभिन्न जाती बिरादरी पंत समुदाय के लोगों ने एक पंगत में बैठकर सामाजिक समरसता के साथ सहभोज ग्रहण किया।इस अवसर पर आयोजन समिति के दिलीप बारेगामा संपत सुथार रतन टांक बादशाह सिंह अंबिका प्रसाद जायसवाल मुकेश जागेटिया सांवरिया सेन रोहित सिंह राजपूत सागर पाराशर विनय शंकर जीनगर आदि उपस्थित रहे।