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सीधा सवाल। चिकारड़ा। मावठ के प्रकोप से जनजीवन अस्त व्यस्त सा हुआ। हल्की फुहारों के साथ मध्यम क्रम की बरसात के चलते जहां एक और मौसम ने सर्दी का अहसास करवाया वही शीतलहर के प्रकोप से ग्रामीण अछूता नहीं रहा। दिन भर शीतलहर चलती रही तो सूर्य भी बादलों की ओट में रहने से 10:00 बजे बाद ही निकल पाया । ग्रामीण शीतलहर के चलते दिन भर गर्म कपड़ों में दुबके रहे। शीत लहर और शरद मौसम के चलते ग्रामीण सर्दी जुकाम बुखार से पीड़ित नजर आए। वहीं गुरुवार अल सवेरे से ही आसमान में धुंध छाई रही
। विजिबिलिटी की बात करें तो 150 मीटर से ज्यादा नहीं दिखाई दे रहा था। यहां यह भी बतादे की पिछले एक सप्ताह से चल रही शीत लहर ने ग्रामीण को धुझने पर मजबूर किया । इस मौसम खराब के चलते जहां किसान वर्ग को अफीम की फसल को छोड़कर अन्य फसलों से फायदा है तो अफीम की फसल में कुछ रोग आने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
